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टांडा मेडिकल कॉलेज में नाबालिग लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

टांडा मेडिकल कॉलेज में नाबालिग लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

टांडा मेडिकल कॉलेज से सामने आए एक गंभीर मामले ने पूरे कांगड़ा जिले को झकझोर कर रख दिया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में एक नाबालिग लड़की द्वारा बच्चे को जन्म दिए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना गग्गल में पोक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि एक नाबालिग लड़की को प्रसव पीड़ा के चलते टांडा मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि लड़की नाबालिग है, इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।

एसपी अशोक रतन ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “नाबालिग लड़की के साथ जो भी गलत हुआ है, उसकी गहनता से जांच की जाएगी। पीड़िता की काउंसलिंग करवाई जाएगी ताकि वह मानसिक रूप से सशक्त हो सके और पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सके।”

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की काउंसलिंग के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही डीएनए जांच के लिए आवश्यक सैंपल भी लिए गए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद बच्चे और आरोपी के डीएनए का मिलान किया जाएगा, ताकि नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। “डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे जल्द से जल्द हिरासत में लिया जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी,” एसपी अशोक रतन ने कहा।

यह मामला सामने आने के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में नाबालिग की डिलीवरी से जुड़े सभी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया और मां व नवजात दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन भी पूरे मामले में पुलिस को पूरा सहयोग दे रहा है।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग से जुड़ा यह मामला पोक्सो एक्ट के तहत अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नाबालिगों के साथ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर काम करने की जरूरत है। साथ ही पीड़िता को मानसिक, सामाजिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है।

फिलहाल गग्गल पुलिस थाना की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर समाज और सिस्टम कितना सतर्क है।

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