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“नेशनल आइकन अवार्ड 2025” से सम्मानित हुईं भरमौर की प्रधानाचार्या अंजु बाला, शिक्षा और समाज सेवा में असाधारण योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय गौरव

"नेशनल आइकन अवार्ड 2025" से सम्मानित हुईं भरमौर की प्रधानाचार्या अंजु बाला, शिक्षा और समाज सेवा में असाधारण योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय गौरव

भरमौर/दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के भरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर की प्रधानाचार्या अंजु बाला को शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए “नेशनल आइकन अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसे भारती युवा वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था और भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का विशेष सहयोग प्राप्त था।

🏆 “शिक्षा केवल स्कूल खोलने तक सीमित नहीं होनी चाहिए” – अंजु बाला

सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए अंजु बाला ने कहा:

“मेरा मानना है कि शिक्षा ही किसी भी समाज की असली रीढ़ है – और यदि हम बेटियों को शिक्षित करते हैं, तो हम पूरे समाज को सशक्त करते हैं।”

👧 शिक्षा सुधार की दिशा में उनका संदेश:

“आज भी बहुत सी बेटियाँ ऐसी हैं जिन्हें पढ़ने का, सोचने का और आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलता। हमें यह स्थिति बदलनी होगी।”

“हमें सिर्फ स्कूल खोलने तक सीमित नहीं रहना – हमें शिक्षा को अर्थपूर्ण बनाना होगा। ऐसी शिक्षा जो आत्मविश्वास दे, निर्णय की क्षमता दे, और बच्चों को सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, ज़िन्दगी जीने के लिए तैयार करे।”

“सच्चा सुधार तब होगा जब शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर ज़मीनी बदलाव लाए — जहाँ एक लड़की कह सके: ‘मैं सोच सकती हूँ, मैं चुन सकती हूँ, और मैं आगे बढ़ सकती हूँ।'”

👧 बेटियों की शिक्षा के लिए प्रतिबद्धता बनी पहचान

अंजु बाला का कार्य खास तौर पर लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षा के माध्यम से समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों को सशक्त बनाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान को प्रभावी ज़मीन पर उतारने, और शिक्षा को जीवन कौशल से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।

🎓 भरमौर के लिए गौरव की बात

अंजु बाला की इस उपलब्धि से न केवल भरमौर क्षेत्र, बल्कि पूरा हिमाचल प्रदेश गौरवान्वित है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर की प्रधानाचार्या ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और यह साबित किया कि समर्पण, नेतृत्व और दूरदृष्टि के साथ शिक्षा के माध्यम से सामाजिक क्रांति लाई जा सकती है। प्रधानाचार्या अंजु बाला पारंपरिक गद्दी भेषभूषा में अवॉर्ड लेने पहुँची।

🙌 प्रेरणा बन रही हैं युवा शिक्षिकाओं के लिए

उनका यह सम्मान देशभर की शिक्षिकाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहा है। वर्तमान में, जब शिक्षा को केवल नौकरी तक सीमित समझा जाता है, ऐसे में अंजु बाला की सोच — कि शिक्षा जीवन के लिए हो, समाज के लिए हो — एक नई दिशा प्रदान करती है।