हमीरपुर, 21 जून 2025: हिमाचल प्रदेश के मेधावी छात्रों की उपलब्धियों को सम्मानित करने हेतु हमीरपुर में आज एक भव्य आयोजन, “TNR–शाइनिंग स्टार्स अवार्ड्स: सेलिब्रेटिंग एकेडमिक एक्सीलेंस” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम राज्य के 10वीं और 12वीं कक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें हमीरपुर के सभी प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
🎖️ सम्मान समारोह में छाया भरमौर का नाम
इस गरिमामयी अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, भरमौर कन्या स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू वाला को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और गरिमा में चार चांद लगा दिए।
श्रीमती अंजू वाला न केवल एक योग्य प्रशासक हैं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र की एक प्रखर और संवेदनशील शिक्षाविद् के रूप में जानी जाती हैं। उनके नेतृत्व में भरमौर विद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। समारोह में उनकी उपस्थिति को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया।


🌟 छात्रों को मिला मंच और मान-सम्मान
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे माननीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, जिन्होंने प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू वाला को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया और मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
“हिमाचल के छात्र आज राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर नाम कमा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल सम्मान मिलता है, बल्कि आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी मिलता है।”
👏 श्रीमती अंजू वाला की कार्यशैली बनी मिसाल
समारोह में वक्ताओं ने श्रीमती अंजू वाला के शिक्षा क्षेत्र में योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की। उनके कार्यकाल में विद्यालय में नवाचार, अनुशासन और छात्र हितैषी दृष्टिकोण का ऐसा समन्वय देखा गया है, जिसने विद्यालय को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।
उनके मार्गदर्शन में विद्यालय ने सिर्फ परीक्षा परिणामों में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और सामाजिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उनके नेतृत्व में विद्यालय का +2 परिणाम 2024 में 27% से बढ़कर 2025 में 89% पहुंचा। विद्यालय को “सर्वोत्तम विद्यालय” का दर्जा मिला। गद्दी संस्कृति में प्रार्थना की पहल से संस्कृति संरक्षण को बल मिला। पीएम पोषण योजना और छात्रवृत्ति सुविधाओं को बेहतर किया गया। इन्फ्रास्ट्रक्चर व शौचालय व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार किए गए।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने मिलकर छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षा में नवप्रयोगों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।
