🚀 Sunita Williams और Butch Wilmore अंतरिक्ष में 9 महीने बिताने के बाद सुरक्षित लौटे, SpaceX Dragon ने सफलतापूर्वक कराया Splashdown

🚀 8 दिन की जगह 9 महीने का सफर: Sunita Williams और Butch Wilmore की ऐतिहासिक वापसी

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बुच विलमोर (Butch Wilmore) अंततः 9 महीने तक अंतरिक्ष में रहने के बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। यह मिशन केवल 8 दिनों के लिए निर्धारित था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यह लगभग 275 दिनों तक खिंच गया।

SpaceX के ड्रैगन (Dragon) अंतरिक्ष यान ने सुबह 3:27 AM (IST) पर उन्हें पृथ्वी पर सफलतापूर्वक उतारा। कैप्सूल ने अटलांटिक महासागर में फ्लोरिडा (Florida) के तट के पास स्प्लैशडाउन (Splashdown) किया। NASA की टीमें पहले से ही उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तैनात थीं।

🛰️ अंतरिक्ष में 9 महीने तक क्यों फंसे रहे Sunita और Butch?

इस मिशन की शुरुआत 5 जून 2024 को Boeing Starliner अंतरिक्ष यान के जरिए हुई थी। यह Starliner का पहला मानवयुक्त मिशन था और इसे केवल 8 दिनों के भीतर वापस आना था। लेकिन कुछ गंभीर तकनीकी खामियों ने इस मिशन को लंबा कर दिया:

  • Boeing Starliner के प्रोपल्शन सिस्टम (Propulsion System) में खराबी आ गई, जिससे इसे वापस लाना असंभव हो गया।
  • सितंबर 2024 में Starliner को बिना किसी क्रू के पृथ्वी पर वापस भेज दिया गया, क्योंकि यह अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित लाने के योग्य नहीं था।
  • NASA ने SpaceX के Crew-9 मिशन को इन यात्रियों की वापसी की जिम्मेदारी सौंपी।
  • Crew-9 ने सितंबर में केवल दो सदस्यीय SpaceX Dragon यान भेजा, ताकि Sunita और Butch को लाने की जगह बनाई जा सके।
  • अंततः, कई महीनों के इंतजार के बाद, SpaceX Dragon ने इन यात्रियों को वापस लाने के लिए ISS से रविवार को उड़ान भरी

🚀 17 घंटे की लंबी यात्रा के बाद, वे सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए।

अंतरिक्ष में 9 महीने तक क्यों फंसे रहे Sunita और Butch?

🌍 Splashdown कैसे हुआ?

  • SpaceX Dragon ने सुबह 2:41 AM (IST) पर डी-ऑर्बिट बर्न (Deorbit Burn) किया, जिससे यान की गति धीमी हुई और यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सका।
  • 3:27 AM (IST) पर कैप्सूल ने महासागर में सुरक्षित लैंडिंग की।
  • NASA और SpaceX की रिकवरी टीमें पहले से ही फ्लोरिडा में तैयार थीं और कैप्सूल को सफलतापूर्वक रिकवर किया गया।
  • अंतरिक्ष यात्रियों को तुरंत चिकित्सा जांच और पुनर्वास के लिए फ्लोरिडा के एक मेडिकल सेंटर ले जाया गया।

🚀 NASA और SpaceX ने इस मिशन को “बड़ी सफलता” करार दिया और कहा कि इससे भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों की सुरक्षा और बेहतर बनाई जाएगी।

🌟 अमेरिका में उठा सियासी विवाद

Sunita Williams और Butch Wilmore की इस लंबी अंतरिक्ष यात्रा ने अमेरिकी राजनीति में भी हलचल मचा दी

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस मिशन की देरी के लिए जो बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया

🚀 ट्रंप ने कहा:
“NASA ने इन अंतरिक्ष यात्रियों को असहाय छोड़ दिया था। यह पूरी तरह प्रशासन की विफलता है। अगर मैं राष्ट्रपति होता, तो ऐसा कभी नहीं होता!”

हालांकि, NASA ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SpaceX और NASA की संयुक्त कोशिशों से यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

📌 अब NASA और SpaceX Boeing Starliner की तकनीकी खामियों की समीक्षा करेंगे और भविष्य के मिशनों के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करेंगे।

🛸 अब क्या होगा अगला कदम?

  • Sunita Williams और Butch Wilmore को अब चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा, ताकि उनके शरीर पर गुरुत्वाकर्षण की वापसी के प्रभावों का अध्ययन किया जा सके।
  • NASA के अनुसार, अंतरिक्ष में लंबा समय बिताने से हड्डियों की घनत्व (Bone Density) कम हो जाती है और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
  • रेडिएशन एक्सपोजर (Radiation Exposure) भी एक चिंता का विषय है, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • मनोवैज्ञानिक पुनर्वास (Psychological Rehabilitation) भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महीनों तक पृथ्वी से दूर रहना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।

🚀 विशेषज्ञों का मानना है कि Sunita Williams और Butch Wilmore को पूरी तरह स्वस्थ होने में 6-8 महीने लग सकते हैं।

🇮🇳 भारत में Sunita Williams के लिए गर्व का माहौल

Sunita Williams भारतीय मूल की हैं और उनकी सफलता पर भारत में भी उत्साह देखा जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उनकी सफलता पर बधाई देते हुए एक पत्र लिखा।

📜 PM मोदी का पत्र:
“1.4 अरब भारतीयों को आप पर गर्व है। आपने अदम्य साहस और धैर्य दिखाया है। जब मैंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन से मुलाकात की, तो मैंने आपका विशेष रूप से जिक्र किया।”

🚀 ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ ने भी कहा:
“Sunita Williams का यह मिशन भारतीय युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।”