रोजाना24, ऊना 22 मार्च : हिमाचल प्रदेश में अब अनाज की खरीद के लिए 10 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह बात ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज विश्व जल दिवस तथा वैज्ञानिक सलाहकार समिति की ग्राम पंचायत फतेहपुर में आयोजित बैठक में कही। इस अवसर पर छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में अब तक 6 स्थानों पर अनाज की खरीद की जा रही है, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 स्थानों पर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर गेहूं, धान के साथ-साथ आवश्यकतानुसार मक्की की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए विभिन्न विभाग कई योजनाएं चला रहे हैं, लेकिन प्रायः इनमें दोहराव देखा गया है। विभिन्न योजनाओं के दोहराव को समाप्त करने के लिए बजट 2021-22 में एक्सपर्ट समूह गठित किया जा रहा है, ताकि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सके। कृषि मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अभी तक गेहूं के बीज का 20 प्रतिशत तक उत्पादन ही किया जा रहा है, जिसे बढ़ाने का लक्ष्य कृषि विभाग को दिया गया है। कृषि विभाग को इस वर्ष बीज की आत्मनिर्भरता का 50 प्रतिशत तथा अगले वर्ष तक 100 प्रतिशत आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से न सिर्फ खेती बल्कि डेयरी, मछली पालन तथा मशरूम उत्पादन के मॉडल प्रदर्शित कर किसानों को प्रेरित करने को कहा।उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं चला रही है। किसानों क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पशु पालन व मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए ऋण लिया जा सकता है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपए की मदद दी जा रही है। तिलहन व दलहन की खेती पर दें ध्यानः सत्तीकार्यक्रम में उपस्थित छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि किसानों को फसलों का विविधिकरण करना आवश्यक है, ताकि उन्हें बेहतर मुनाफा हो सके। उन्होंने कहा कि तिलहन व दलहन के उत्पादन पर भी ध्यान देना जरूरी है। कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को कृषि में हो रहे अनुसंधान दिखाया जाए ताकि वह प्रेरणा लेकर उन्हें खेती के नए-नए तरीकों को अपना सकें। विश्व जल दिवस के अवसर पर सतपाल सिंह सत्ती ने पानी का मोल पहचानने व जल सरंक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान 17 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, जिप सदस्य ओंकार नाथ, एपीएमसी चेयरमैन बलबीर बग्गा, कुटलैहड़ मंडल भाजपा अध्यक्ष मास्टर तरसेम, आईटी सैल की अध्यक्ष डॉ. अर्चना ठाकुर, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके चौधरी, शिक्षा प्रसार निदेशक डॉ एमएम सिंह, एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, एसडीएम डॉ. निधि पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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