LPG Price Hike के बाद केंद्र सरकार का दावा है कि भारतीय परिवार अब भी दुनिया में सबसे सस्ते दामों पर रसोई गैस खरीद रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार 14.2 किलोग्राम का घरेलू LPG सिलेंडर अब 942 रुपये में मिल रहा है, जबकि पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में इसकी कीमत इससे कहीं अधिक है।
मंत्रालय ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत में उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। लेकिन अर्थशास्त्रियों और नीति विश्लेषकों का मानना है कि केवल सिलेंडर की कीमतों की तुलना करके LPG को सस्ता बताना वास्तविक तस्वीर नहीं दिखाता।
केवल कीमत नहीं, आय के हिसाब से होनी चाहिए तुलना
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में LPG सिलेंडर की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 1,755 रुपये और कनाडा में 2,411 रुपये तक है। पहली नजर में यह भारत के 942 रुपये वाले सिलेंडर से काफी महंगा दिखाई देता है।
लेकिन सवाल यह है कि इन देशों के नागरिकों की आय कितनी है?
अमेरिका में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय लगभग 54 लाख रुपये के बराबर है, जबकि भारत में यह करीब 2.1 लाख रुपये के आसपास है। यानी अमेरिकी नागरिक भारतीयों की तुलना में कई गुना अधिक कमाते हैं। ऐसे में केवल कीमत की तुलना करना भ्रामक हो सकता है।

आय के मुकाबले कितना महंगा है LPG?
यदि LPG सिलेंडर की कीमत को प्रति व्यक्ति आय के अनुपात में देखा जाए तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।
| देश | LPG सिलेंडर की कीमत | अनुमानित वार्षिक प्रति व्यक्ति आय | आय में LPG का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| भारत (सामान्य उपभोक्ता) | ₹942 | ₹2.1 लाख | 0.45% |
| भारत (उज्ज्वला लाभार्थी) | ₹642 | ₹2.1 लाख | 0.31% |
| अमेरिका | ₹1,755 | ₹54 लाख | 0.03% |
| ऑस्ट्रेलिया | ₹1,765 | ₹60 लाख | 0.03% |
| कनाडा | ₹2,411 | ₹49 लाख | 0.05% |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में गैस की कीमत भले अधिक हो, लेकिन वहां की आय के मुकाबले LPG का आर्थिक बोझ भारत की तुलना में कई गुना कम है।

मासिक आय पर कितना पड़ता है असर?
भारत में प्रति व्यक्ति औसत मासिक आय लगभग 17,500 रुपये मानी जाए तो 942 रुपये का सिलेंडर खरीदने पर मासिक आय का करीब 5.4 प्रतिशत खर्च हो जाता है।
वहीं अमेरिका में लगभग 4.5 लाख रुपये मासिक आय के मुकाबले 1,755 रुपये का सिलेंडर केवल 0.39 प्रतिशत आय के बराबर है। ऑस्ट्रेलिया में यह अनुपात 0.35 प्रतिशत और कनाडा में लगभग 0.59 प्रतिशत है।
दूसरे शब्दों में कहें तो एक भारतीय उपभोक्ता अपनी आय का जो हिस्सा गैस खरीदने में खर्च करता है, वह अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया के उपभोक्ता से लगभग 10 से 15 गुना अधिक है।

कितने सिलेंडर खरीद सकती है औसत आय?
एक और दिलचस्प तुलना यह है कि किसी देश की औसत वार्षिक आय से कितने LPG सिलेंडर खरीदे जा सकते हैं।
- भारत (सामान्य उपभोक्ता): लगभग 223 सिलेंडर
- भारत (उज्ज्वला): लगभग 327 सिलेंडर
- अमेरिका: 3,000 से अधिक सिलेंडर
- ऑस्ट्रेलिया: 3,400 से अधिक सिलेंडर
- कनाडा: 2,000 से अधिक सिलेंडर
यह आंकड़ा दिखाता है कि पश्चिमी देशों में रहने वाले लोगों की क्रय शक्ति LPG के मामले में भारतीयों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है।

सरकार का तर्क और बहस का दूसरा पक्ष
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को पूर्ण बाजार मूल्य नहीं चुकाना पड़ रहा है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ कम करने के लिए वित्तीय सहायता दे रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आय, क्रय शक्ति और जीवन-यापन की लागत को तुलना में शामिल नहीं किया जाता, तब तक केवल सिलेंडर की कीमतों के आधार पर भारत को दुनिया का सबसे सस्ता LPG बाजार बताना अधूरा निष्कर्ष होगा। किसी भी उत्पाद की वास्तविक किफायत इस बात से तय होती है कि उसे खरीदने के लिए आम नागरिक को अपनी आय का कितना हिस्सा खर्च करना पड़ता है, और इसी पैमाने पर पश्चिमी देशों में LPG भारतीय उपभोक्ताओं की तुलना में कहीं अधिक सुलभ और किफायती नजर आती है।
