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CBSE स्कूल भर्ती 2026: हिमाचल में 5500 पदों पर होगी नियुक्ति, शिक्षा विभाग ने तेज की प्रक्रिया

CBSE स्कूल भर्ती को लेकर हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध 130 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ के करीब 5500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, इन पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, CBSE स्कूल भर्ती के लिए चयन परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा का आयोजन फरवरी माह में संभावित बताया जा रहा है, हालांकि अभी तक इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इससे पहले 24 जनवरी को स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले भर्ती परीक्षा करवाई जाए, ताकि सत्र की शुरुआत से पहले स्टाफ की कमी पूरी की जा सके।

उत्कृष्टता योजना के तहत CBSE स्कूल भर्ती

प्रदेश सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “उत्कृष्टता योजना” को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में 100 स्कूलों में 560 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई थी। इन पदों में विभिन्न विषयों के प्रवक्ता और विशेषज्ञ शामिल हैं।

इनमें प्रवक्ता भूगोल, संगीत/वाद्य, आईटी, मनोविज्ञान, ललित कला, संस्कृत, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, अंग्रेज़ी और शारीरिक शिक्षा (डिप्लोमा) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति से छात्रों को आधुनिक और बहुआयामी शिक्षा का लाभ मिलेगा।

आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी होंगी नियुक्तियां

CBSE स्कूल भर्ती प्रक्रिया में केवल नियमित शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि कई पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां भी की जाएंगी। प्रत्येक स्कूल में योग शिक्षक, परामर्शदाता, सह-कल्याण शिक्षक, केयरिंग सुपरवाइज़र और आया की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के जरिए की जाएगी।

इसके साथ ही स्कूलों के गैर-शिक्षकीय (मिनिस्टीरियल) स्टाफ की व्यवस्था भी आउटसोर्सिंग और आंतरिक युक्तिकरण के माध्यम से की जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

छात्र संख्या के आधार पर तय होगी शिक्षक संख्या

शिक्षा विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक स्कूल में अधिकतम 1200 विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की आवश्यकता तय की गई है। स्कूलों में नामांकन की संख्या के अनुसार शिक्षकों की संख्या घटाई या बढ़ाई जा सकेगी, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। लंबे समय से कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे इस बड़े भर्ती अभियान के माध्यम से दूर किया जाएगा।

रोजगार और शिक्षा दोनों को मिलेगा लाभ

CBSE स्कूल भर्ती 2026 से जहां एक ओर प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। शिक्षा विभाग का दावा है कि इस पहल से सरकारी सीबीएसई स्कूल निजी स्कूलों के समकक्ष गुणवत्ता प्रदान कर सकेंगे।