औद्योगिक क्षेत्र ग्वालथाई में ड्रग्स कंट्रोल विभाग द्वारा की गई कार्रवाई ने दवा उद्योगों में मानकों के पालन पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्वालथाई में हुई इस छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने लगभग 400 किलोग्राम विटामिन-सी पाउडर (Vitamin-C Powder) सहित भारी मात्रा में कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। उल्लेखनीय है कि फैक्टरी के बाहर ताला लटका हुआ मिला, जबकि अंदर बड़े स्तर पर अवैध उत्पादन जारी था।
ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने यह पूरा ऑपरेशन बुधवार रात को अंजाम दिया था, जिसके बाद गुरुवार को सभी जब्ती रिकार्ड एवं सामग्री को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने विभाग को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं।
पांच माह पहले ही बंद करने के दिए गए थे आदेश
विभागीय अधिकारियों के अनुसार संबंधित दवा कंपनी को करीब पांच माह पहले ही प्रोडक्शन बंद करने के निर्देश जारी किए गए थे, क्योंकि पिछली जांच में फैक्टरी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) के मानकों पर खरी नहीं उतरी थी। इसके बावजूद फैक्टरी में अंदर ही अंदर गुप्त रूप से उत्पादन जारी रखा गया।
एक अधिकारी ने बताया,
“मुख्य गेट पर ताला लगा देख हमें लगा कि फैक्टरी बंद है, लेकिन जब अंदर पहुंचे तो मशीनें चालू थीं और विटामिन-सी साल्ट का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा था।”
400 किलो विटामिन-सी पाउडर और भारी मात्रा में कच्चा माल सीज
छापेमारी के दौरान विभाग ने:
- 400 किलो तैयार विटामिन-सी पाउडर
- बड़ी मात्रा में रॉ-मटीरियल
- पैकिंग सामग्री
- संवेदनशील दस्तावेज
को कब्जे में लेकर सीज किया। यह सामग्री विभागीय रिकॉर्डिंग के बाद न्यायालय को सौंप दी गई है।
नियमों की अवहेलना पर सख्ती
ड्रग इंस्पेक्टर बिलासपुर अंजना कुमारी ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को बार-बार नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निरीक्षण में यह साफ हुआ कि कंपनी द्वारा इन आदेशों की खुली अवहेलना की गई।
उन्होंने कहा,
“पूरे मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। एक विशेष जांच टीम बनाई जाएगी, जो अवैध उत्पादन के पीछे की पूरी प्रक्रिया, जिम्मेदारी और कच्चे माल के स्रोत की जांच करेगी।”
नई जांच टीम करेगी विस्तृत पड़ताल
अब विभाग इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर रहा है। यह टीम यह पता लगाएगी कि अवैध उत्पादन किस स्तर पर और कितने समय से चल रहा था तथा तैयार उत्पाद की सप्लाई कहां की जा रही थी।
