बिलासपुर में पल्स पोलियो अभियान को लेकर तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। 21 दिसंबर 2025 को शुरू होने वाले इस पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले के 27,037 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को मज़बूती से आगे बढ़ाता है।

उपायुक्त ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले में 275 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन बूथों पर सेवा देने के लिए 544 दलों का गठन किया गया है, जबकि निगरानी और संचालन को सुचारू रखने के लिए 64 सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा, “हमारा उद्देश्य शत-प्रतिशत बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुँचाना है। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य टीम को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।”

इसके अलावा जिला प्रशासन ने 8 ट्रांजिट साइटों की भी व्यवस्था की है, जहाँ यात्रा कर रहे बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। यह व्यवस्था बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और अन्य व्यस्त स्थानों पर की गई है, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से छूट न जाए।

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अक्सर देखा गया है कि कुछ बच्चे किसी कारणवश निर्धारित दिन बूथ पर नहीं पहुँच पाते। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 22 और 23 दिसंबर को घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की योजना बनाई है, जो पहले दिन किसी कारण से दवाई नहीं पी पाए होंगे। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा, “स्वास्थ्य टीम यह सुनिश्चित करेगी कि जिले में कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।”

जिला प्रशासन ने बिलासपुर के सभी नागरिकों से अपील की है कि पाँच वर्ष तक के बच्चों को अवश्य पोलियो की खुराक दिलवाएँ। पोलियो एक ऐसी बीमारी है, जो आजीवन अपंगता का कारण बन सकती है। चिकित्सकों के अनुसार नियमित खुराक से ही बच्चों को इसके ख़तरे से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने कहा, “पोलियो रोकथाम का एकमात्र उपाय टीकाकरण है। हर माता-पिता की ज़िम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को बूथ पर लेकर आएँ।”

इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा भी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अभियान के दिन बूथ पर भीड़ नियंत्रण, बच्चों को समय पर लाना और जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

बिलासपुर जिला प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष का पल्स पोलियो अभियान पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक और संगठित है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक यह खुराक पहुँचाई जाए, ताकि हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह पोलियो मुक्त रखने के राष्ट्रीय संकल्प को और मजबूती मिल सके।