हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर हुए फायरिंग मामले में 15 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है। अब तक पुलिस को आरोपियों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। बंबर ठाकुर को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। ताजा जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने 25 राउंड गोलियां चलाई थीं, जबकि पहले यह संख्या 12 बताई जा रही थी।
शनिवार को पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से 25 खोल बरामद किए। इस मामले को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। बंबर ठाकुर के बेटे ईशान ठाकुर ने भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हमले की साजिश में उनका नाम सामने आ रहा है।
ईशान ठाकुर का आरोप: “त्रिलोक जम्वाल की कॉल डिटेल्स खंगाली जाएं”
बंबर ठाकुर के बेटे ईशान ठाकुर ने इस हमले के पीछे भाजपा नेता और सदर के विधायक त्रिलोक जम्वाल का हाथ होने का शक जताया। उन्होंने कहा,
“इसमें जो आशंका हमें है, वह त्रिलोक जम्वाल पर आ रही है। ये लोग चिट्टा (ड्रग्स) माफिया से जुड़े हैं और मेरे पापा इनके खिलाफ हैं। उनकी कॉल डिटेल्स चेक होनी चाहिए।”
ईशान ने बताया कि हमलावरों को उन्होंने खुद नहीं देखा, लेकिन उनके पिता ने कुछ समय पहले हमले की आशंका जताई थी और कुछ नाम भी लिए थे। उन्होंने कहा कि होली के दिन दोपहर तीन बजे जब वे नहा रहे थे, तभी गोलियों की आवाज आई। जब वे बाहर निकले तो उनके भाई ने बताया कि पापा को गोली मार दी गई है।
25 राउंड फायरिंग, पीएसओ भी घायल
यह हमला होली के दिन शुक्रवार को हुआ, जब बंबर ठाकुर अपने घर पर मौजूद थे। अचानक उन पर ताबड़तोड़ 25 राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में उनका पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) भी घायल हो गया। गोली बंबर ठाकुर की जांघ के पास लगी, जिसके बाद उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया।
आईजीएमसी के डॉक्टर महेश ने बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल का पलटवार
बंबर ठाकुर के बेटे द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा,
“बिलासपुर जिले में माफिया राज है, चाहे वो चिट्टा माफिया हो या कोई और। इस माफिया को सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। चार एसपी बदले जा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार कांग्रेस की है और दोषियों को पकड़ने की जिम्मेदारी भी उसी की बनती है। उन्होंने कॉल डिटेल्स की जांच के आरोपों पर कहा कि,
“सरकार की जांच एजेंसियां हैं, अगर वे चाहें तो जांच करवा सकती हैं। हमें किसी भी जांच से कोई आपत्ति नहीं है।”
क्या हमले के पीछे चिट्टा माफिया का हाथ?
इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश की सत्ता और विपक्ष में सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि
“बंबर ठाकुर पर पहले भी हमला हुआ था और यह उसी से जुड़ा मामला लग रहा है। हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है, लेकिन हर जगह अपराध होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि जांच में सभी चीजें साफ हो जाएंगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पुलिस खाली हाथ
हालांकि, 15 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं है। जांच जारी है, लेकिन अब तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन फायरिंग में शामिल अपराधियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।