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भरमौर–भरमाणी माता जीप मार्ग की बदहाल हालत पर पंचायत की पहल, PWD से तत्काल मरम्मत की मांग

मणिमहेश यात्रा से पहले सड़क सुधार की उठी मांग, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी

भरमौर, चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भरमाणी माता मंदिर को जाने वाले दोनों प्रमुख जीप मार्गों की जर्जर स्थिति को लेकर ग्राम पंचायत सचुईं ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से शीघ्र मरम्मत एवं सुधार कार्य करवाने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क की खराब हालत के कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी श्री मणिमहेश यात्रा को देखते हुए सड़क की स्थिति में सुधार करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

प्रधान तनुजा देवी व काँग्रेस जिला सचिव संजीव ठाकुर ने सौंपा ज्ञापन

ग्राम पंचायत सचुईं की प्रधान तनुजा देवी व काँग्रेस जिला सचिव संजीव ठाकुर ने अधिशाषी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, भरमौर को ज्ञापन सौंपकर भरमौर–भरमाणी माता जीप मार्ग (वाया मलकोता एवं वाया घराडू) की तत्काल मरम्मत की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि दोनों मार्ग वर्तमान में अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं तथा जगह-जगह बड़े गड्ढे और कच्चे हिस्से यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

बरसात में बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा

ज्ञापन के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे वाहनों का संचालन कठिन हो जाता है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।

पहले भी उठ चुका है सड़क का मुद्दा

पंचायत ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि इन दोनों मार्गों की खराब स्थिति का मुद्दा पूर्व प्रधान संजीव ठाकुर द्वारा PAC बैठक में भी उठाया गया था। इसके अलावा संबंधित विभाग को समय-समय पर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।

मणिमहेश यात्रा से पहले सड़क सुधार जरूरी

हर वर्ष आयोजित होने वाली श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु भरमौर पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरमाणी माता मंदिर में दर्शन करने भी जाते हैं। ऐसे में पंचायत का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले दोनों जीप मार्गों की मरम्मत, गड्ढों की भराई, सड़क का समतलीकरण तथा कच्चे हिस्सों का पक्कीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

श्रद्धालुओं और पर्यटन पर भी पड़ रहा असर

भरमाणी माता मंदिर भरमौर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है। सड़क की खराब स्थिति न केवल स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत का मानना है कि बेहतर सड़क सुविधा से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

PWD से शीघ्र कार्रवाई की मांग

ग्राम पंचायत सचुईं ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जनहित और आगामी श्री मणिमहेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए दोनों मार्गों पर शीघ्र आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके।

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