शिमला: राजधानी शिमला के कच्चीघाटी क्षेत्र में HRTC वोल्वो बस चालक के साथ हुई मारपीट के मामले में शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली से शिमला आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की वोल्वो बस के चालक के साथ बीच सड़क पर मारपीट करने वाले सभी चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब दिल्ली-शिमला रूट पर चल रही वोल्वो बस ने हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को ओवरटेक किया। आरोप है कि इसी बात से नाराज स्कॉर्पियो सवारों ने बस का पीछा किया और कच्चीघाटी क्षेत्र में बस को रुकवाकर चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मौके पर ही दो आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही थाना बालूगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। शुरुआती कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- पंकज कुमार (33) पुत्र शिव कुमार
- विकास कुमार (22) पुत्र विलक्षण राम
दोनों निवासी गांव अभयपुर, जिला पंचकूला (हरियाणा) बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
ठियोग पुलिस ने फरार आरोपियों को दबोचा
मारपीट की घटना के बाद दो अन्य आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर ठियोग की तरफ फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी किया। इसके बाद ठियोग पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों फरार आरोपियों को डिटेन कर बालूगंज पुलिस के हवाले कर दिया।
अपडेटेड जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अब दोनों फरार आरोपियों को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान:
- प्रतिभा, पत्नी विक्की कुमार
- विक्की कुमार, पुत्र शिव कुमार
निवासी गांव अभयपुर, पंचकूला (हरियाणा) के रूप में हुई है।
सार्वजनिक सेवा कर्मियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद HRTC कर्मचारियों और परिवहन संगठनों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सार्वजनिक सेवा से जुड़े कर्मचारियों के साथ हिंसक व्यवहार करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों और संभावित तथ्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने बस को रोकने और चालक पर हमला करने की योजना पहले से बनाई थी या विवाद अचानक बढ़ा।
यह घटना सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और रोडरेज की घटनाओं को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा रही है। खासकर सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा अब बड़ा मुद्दा बनकर सामने आ रहा है।

