मंडी शिवरात्रि महोत्सव 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 16 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर आज मंडी में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त एवं अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेला समिति अपूर्व देवगन ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और मेला समिति के सदस्यों के साथ आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि देश-विदेश में विख्यात मंडी शिवरात्रि महोत्सव देव आस्था, लोक परंपराओं और मंडी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी विभागों, समितियों और आम जनता के सहयोग की आवश्यकता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देव परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखते हुए आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
देवताओं के स्वागत और ठहराव की विशेष व्यवस्था
उपायुक्त ने बताया कि महोत्सव में पधारने वाले देवी-देवताओं के समय पर निमंत्रण, स्वागत और ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में देवता उप-समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि बड़े देव कमरूनाग सहित सभी देवी-देवताओं को समय रहते आमंत्रित किया जाएगा और देवक्रम व देव परंपराओं को अक्षुण बनाए रखने के लिए सर्व देवता समिति से सहयोग अपेक्षित रहेगा।
पड्डल मैदान में बनेगा देवताओं के लिए स्थायी स्थल
अपूर्व देवगन ने कहा कि पड्डल मेला मैदान में देवताओं के बैठने के लिए स्थायी और शोभनीय स्थल निर्मित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल देव परंपरा को सम्मान मिलेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को भी देव भ्रमण श्रृंखला के दौरान बेहतर दर्शन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने एनएचएआई और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि पधर और तुंगल घाटी की ओर से आने वाले देवी-देवताओं के मार्गों पर निर्माणाधीन सड़कों में उचित व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए।
सांस्कृतिक संध्याएं और अंतरराष्ट्रीय परेड आकर्षण का केंद्र
उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष भी महोत्सव के दौरान थीम आधारित सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड के माध्यम से शिवरात्रि महोत्सव को वैश्विक पहचान देने का प्रयास रहेगा। इसके साथ ही वॉयस ऑफ शिवरात्रि कार्यक्रम के लिए समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से कला एवं साहित्य महोत्सव के तहत शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय गायन, भजन संध्या, नाटक मंचन, कवि सम्मेलन और बजंतरियों की वाद्य यंत्र प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मंडी की देव संस्कृति और प्राचीन परंपराओं से रूबरू करवाने का बड़ा मंच है। पर्यटन विभाग को अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मंडी आर्ट फेस्टिवल और शहर की भव्य सजावट
प्रदर्शनी स्थल पर इस बार विभागीय प्रदर्शनियों के साथ-साथ मंडी आर्ट फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें मंडी सिल्क, मंडी कलम, हस्तशिल्प और स्थानीय कलाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि महोत्सव के दौरान मंडी शहर के प्रमुख मंदिरों, भवनों और महत्वपूर्ण स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
डस्टबिन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना
उपायुक्त ने पड्डल मैदान में स्टॉल आवंटन, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन सेवाएं और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्टॉल पर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और इसकी अवहेलना करने पर संबंधित व्यापारी पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम मंडी को पर्याप्त डस्टबिन और सफाई कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, खेल प्रतियोगिताएं, यातायात, बिजली-पानी आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन व्यवस्था और सड़कों के रखरखाव सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की कार्रवाई का संचालन अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

