दुनिया के ज्यादातर शहर आसमान की ओर बढ़ते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि इंसान ने खतरे, युद्ध और प्रकृति से बचने के लिए जमीन के नीचे पूरे शहर भी बसाए हैं। ये Underground Cities सिर्फ सुरंगें नहीं थीं, बल्कि अपने आप में पूरी सभ्यताएं थीं, जहां हजारों लोग रहते, काम करते और छिपकर जीवन बिताते थे। आज भी ये अंडरग्राउंड शहर वैज्ञानिकों, इतिहासकारों और टूरिस्ट्स के लिए रहस्य बने हुए हैं।
डेरीनकुयू: 18 मंज़िला अंडरग्राउंड शहर (Derinkuyu Underground City)
तुर्की के कप्पाडोसिया क्षेत्र में स्थित डेरीनकुयू (Derinkuyu Underground City) को दुनिया का सबसे बड़ा और गहरा अंडरग्राउंड शहर माना जाता है। यह शहर जमीन के नीचे लगभग 200 फीट तक फैला हुआ है और इसमें 18 से ज्यादा मंज़िलें हैं।
इतिहासकारों के अनुसार, यह शहर ईसा पूर्व बनाया गया था और इसका उपयोग आक्रमणकारियों से बचने के लिए किया जाता था। यहां एक साथ 20,000 से अधिक लोग रह सकते थे।
इस अंडरग्राउंड शहर में:
- स्कूल और चर्च
- अनाज भंडारण कक्ष
- पशुओं के लिए अलग जगह
- हवा के लिए जटिल वेंटिलेशन सिस्टम
भारी पत्थर के गोल दरवाजे अंदर से बंद कर दिए जाते थे, जिससे दुश्मन अंदर न आ सके। आज भी यह रहस्य बना हुआ है कि उस दौर में इतनी उन्नत इंजीनियरिंग कैसे संभव हुई।
नाउर अंडरग्राउंड सिटी: युद्ध से बचने का ठिकाना (Naours Underground City)
फ्रांस में स्थित नाउर अंडरग्राउंड सिटी (Naours Underground City) को रोमन काल में बनाया गया था और बाद में इसका इस्तेमाल कई युद्धों के दौरान हुआ। इसमें करीब 300 से ज्यादा कमरे और लंबी सुरंगें हैं।
युद्ध के समय पूरा गांव जमीन के नीचे छिप जाया करता था। दीवारों पर आज भी सैनिकों के नाम, तारीखें और प्रतीक खुदे हुए मिलते हैं, जो उस दौर की भयावहता बयान करते हैं।
कोबर पेड़ी: आज भी जमीन के नीचे रहने वाला शहर (Coober Pedy)
ऑस्ट्रेलिया का कोबर पेड़ी (Coober Pedy) दुनिया का इकलौता ऐसा शहर है जहां आज भी हजारों लोग जमीन के नीचे रहते हैं। इसकी वजह है यहां का अत्यधिक तापमान, जो 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
लोगों ने पहाड़ों को काटकर डगआउट होम्स (Dugout Homes) बनाए हैं। यहां:
- अंडरग्राउंड घर
- होटल
- चर्च
- दुकानें
सब कुछ जमीन के नीचे है। यह शहर दिखाता है कि इंसान आज भी अंडरग्राउंड जीवन को अपनाने को मजबूर हो सकता है।
एडिनबरा वॉल्ट्स: डर और रहस्य का अड्डा (Edinburgh Vaults)
स्कॉटलैंड के एडिनबरा वॉल्ट्स (Edinburgh Vaults) को दुनिया की सबसे डरावनी अंडरग्राउंड जगहों में गिना जाता है। 18वीं सदी में बने ये वॉल्ट्स शुरू में व्यापार और रहने के लिए थे, लेकिन बाद में अपराध, गरीबी और बीमारी का केंद्र बन गए।
कई लोगों का दावा है कि यहां:
- अजीब आवाजें
- साए
- असामान्य गतिविधियां
देखी गई हैं। आज यहां गाइडेड टूर होते हैं, लेकिन कई हिस्से अब भी बंद हैं।
बीजिंग अंडरग्राउंड सिटी: परमाणु युद्ध की तैयारी (Beijing Underground City)
बीजिंग अंडरग्राउंड सिटी (Beijing Underground City) को 1970 के दशक में संभावित परमाणु युद्ध से बचाव के लिए बनाया गया था। माओ ज़ेदोंग के आदेश पर बनी इस अंडरग्राउंड दुनिया में हजारों बंकर और सुरंगें हैं।
यहां:
- अस्पताल
- स्कूल
- थिएटर
- सीक्रेट एग्जिट
तक बनाए गए थे। आज इसका बड़ा हिस्सा बंद है, लेकिन यह कोल्ड वॉर के डर की सच्ची तस्वीर दिखाता है।
मोंट्रियल अंडरग्राउंड सिटी: आधुनिक दुनिया के नीचे शहर (Montreal Underground City)
कनाडा का मोंट्रियल अंडरग्राउंड सिटी (Montreal Underground City) एक आधुनिक अंडरग्राउंड नेटवर्क है, जो 30 किलोमीटर से ज्यादा फैला हुआ है।
यहां:
- शॉपिंग मॉल
- मेट्रो स्टेशन
- ऑफिस
- होटल
सब कुछ जमीन के नीचे जुड़ा हुआ है। सर्दियों में जब तापमान माइनस में चला जाता है, तब यह अंडरग्राउंड शहर लाखों लोगों को राहत देता है।
इंसान जमीन के नीचे शहर क्यों बनाता है?
इतिहास बताता है कि अंडरग्राउंड शहर:
- युद्ध और आक्रमण से बचने
- अत्यधिक मौसम से सुरक्षा
- परमाणु खतरे
- संसाधनों की कमी
जैसे कारणों से बनाए गए। आज जब दुनिया फिर अनिश्चितता की ओर बढ़ रही है, तब अंडरग्राउंड शहरों की चर्चा फिर तेज़ हो रही है।
