बीपीएल सूची पर अंतिम मुहर लगाने की प्रक्रिया को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बीपीएल सूची पर अंतिम मुहर अब खंड स्तरीय सत्यापन समितियां लगाएंगी। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत पात्र परिवारों के नामों की समीक्षा कर बीपीएल सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। खास बात यह है कि अब कई पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक के बिना ही बीपीएल सूची का सत्यापन किया जाएगा।
प्रदेश में बीपीएल के लिए पात्र परिवारों के नामों की सूची लंबे समय से लंबित थी। सरकार के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल 3615 पंचायतों में से केवल 795 पंचायतों में ही ग्राम सभा की बैठकों में कोरम पूरा हो पाया। वहीं शेष 2817 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण बीपीएल सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
खंड स्तरीय सत्यापन समिति निभाएगी अहम भूमिका
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब खंड स्तरीय त्रि-सदस्यीय सत्यापन समिति बीपीएल सूची को अंतिम रूप देगी। इस समिति में पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को सदस्य बनाया गया है। यह समिति पंचायत स्तर पर की गई त्रि-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया की रिपोर्ट के आधार पर पात्र परिवारों की समीक्षा करेगी।
समिति की सिफारिशों के आधार पर बीपीएल सूची को अधिसूचित किया जाएगा और पात्र परिवारों को प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए जाएंगे। खंड स्तरीय समिति में विकास खंड अधिकारी, पंचायत निरीक्षक और खंड समन्वयक भी शामिल रहेंगे।
ग्राम सभा न होने से अटकी थी प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने 19 मार्च को अधिसूचना जारी कर सभी ग्राम पंचायतों को बीपीएल सूची का नए सिरे से सत्यापन करने और ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि कई पंचायतों में बार-बार प्रयासों के बावजूद ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं हो सका।
सूत्रों के मुताबिक कई पंचायतों में ग्रामीणों की अनुपस्थिति, मौसमी परिस्थितियों और प्रशासनिक कारणों से ग्राम सभा आयोजित नहीं हो पाई। इसी वजह से बड़ी संख्या में पंचायतों में बीपीएल सूची पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका और पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए।
795 पंचायतों में पूरा हुआ कोरम
जिन 795 पंचायतों में ग्राम सभा की बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित हो गई थीं, वहां बीपीएल के लिए पात्र परिवारों की संख्या तय कर ली गई है। इन पंचायतों में बीपीएल सूची पर सहमति बन गई थी और आगे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। लेकिन शेष पंचायतों में यह प्रक्रिया लंबित रहने के कारण सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
अब ग्राम सभा अनिवार्य नहीं
नई अधिसूचना के तहत अब ग्राम सभा की बैठक अनिवार्य नहीं होगी। खंड स्तरीय सत्यापन समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही बीपीएल सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे उन पंचायतों को राहत मिलेगी, जहां लंबे समय से ग्राम सभा आयोजित नहीं हो पा रही थी।
सूत्रों का कहना है कि इस फैसले से हजारों पात्र परिवारों को जल्द बीपीएल सूची में शामिल किया जा सकेगा, जिससे उन्हें राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग के आदेश
ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी स्तर पर यह आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल सूची का सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा और किसी भी अपात्र व्यक्ति को सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही शिकायत मिलने पर दोबारा जांच का प्रावधान भी रखा गया है।
