हिमाचल प्रदेश के पड्डल मैदान में आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए MyDeed पोर्टल, नक़्शा योजना, डिज़िटली साइनड एवं अपडेटेड जमाबंदी मॉड्यूल, तथा भू-नक़्शा 5.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। इन डिजिटल सेवाओं का उद्देश्य जनता को भूमि-संबंधित दस्तावेज़ों तक आसान, तेज़ और विश्वसनीय पहुँच प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तकनीकी सुधार प्रदेश में सुशासन की नई मिसाल स्थापित करेंगे और आम नागरिकों को अनेक सेवाओं का लाभ बिना किसी जटिल प्रक्रिया के, ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
50.63 लाख रुपये सीधे खातों में जारी, 25 लाभार्थियों को ई-टैक्सी की चाबियाँ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के 401 लाभार्थियों के खातों में 50.63 लाख रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
इसके साथ ही राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत 25 लाभार्थियों को ई-टैक्सी की सांकेतिक चाबियाँ प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं को स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती है और रोजगार के नए अवसर पैदा करती है।
आपदा प्रभावितों को 51 करोड़ 1 लाख 22 हजार 700 रुपये की विशेष राहत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 51 करोड़ 1 लाख 22 हजार 700 रुपये की विशेष राहत सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हर परिवार तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है और पुनर्वास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा—
“राज्य सरकार एक-एक आपदा प्रभावित परिवार को बसाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हम प्रदेशवासियों की आशाओं को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।”
डिजिटल हिमाचल की दिशा में बड़ा कदम
नए पोर्टलों और मॉड्यूल्स के शुभारंभ के साथ हिमाचल प्रदेश अब भूमि रिकॉर्ड और राजस्व सेवाओं को पूर्णतः डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। इससे न केवल लोगों की समय और संसाधन की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
