हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर उपमंडल के खणी गांव में शुक्रवार दोपहर हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। खणी गांव के मेघा राम की पत्नी सत्या देवी दोपहर लगभग 1:45 बजे अपने मवेशियों को चराने के लिए पास के दुग-बनाड़ जंगल की ओर गई थीं। उसी दौरान उन पर अचानक एक जंगली भालू ने हमला कर दिया। हमला इतना तेज और भयंकर था कि सत्या देवी को बचने का कोई मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, जब सत्या देवी पर हमला हुआ, तो आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन भालू के हमले की तीव्रता इतनी थी कि कोई उन्हें बचा नहीं सका। कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर सन्नाटा पसर गया और पूरा क्षेत्र दहशत के माहौल में आ गया।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही भरमौर वन प्रभाग से टीम मौके पर पहुँची। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि हमला भालू द्वारा किया गया था। वन प्रभाग अधिकारी नवनाथ माने ने पुष्टि करते हुए कहा,
“जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को सभी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगलों में न जाएँ, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग और प्रशासन क्षेत्र में गश्त और सुरक्षा उपाय बढ़ाए, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से जानवरों की गतिविधियाँ बढ़ने के चलते लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
गांव में शोक और दहशत
खणी गांव में शोक की लहर है। स्थानीय लोग बताते हैं कि वह रोज की तरह मवेशी चराने गई थीं और कभी किसी ने नहीं सोचा था कि इस तरह का हादसा हो सकता है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि हाल के दिनों में आसपास के जंगलों में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ती देखी जा रही थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
