हिमाचल प्रदेश के भरमौर से शुरू हुई एक शिकायत ने पूरे प्रदेश में शराब ठेकों की स्थिति को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की स्थानीय लोगों द्वारा की गई शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद राज्यभर से 1100 से ज्यादा लोगों ने कमेंट कर अपनी नाराजगी और अनुभव साझा किए।
भरमौर में बियर और शराब पर लूट की शिकायत
भरमौर के स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि 117 रुपये वाला बियर कैन 170 रुपये में, 180 रुपये की बोतल 200 रुपये में, और 375 रुपये की रॉयल स्टैग आधी बोतल 400 रुपये में खुलेआम बेची जा रही है। लोगों का कहना है कि यह किसी एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि भरमौर के सभी ठेकों पर यही हालात हैं।
शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
स्थानीयों ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को सीएम हेल्पलाइन और आबकारी विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में पहले ही ला दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन और सरकार को लेकर गहरा असंतोष है।
राज्यभर से मिली प्रतिक्रियाएं
जब यह खबर सोशल मीडिया पर डाली गई तो पूरे हिमाचल से सैकड़ों लोगों ने अपनी-अपनी जगहों पर चल रही इसी तरह की लूट का खुलासा किया। पालमपुर, चोआड़ी, धर्मशाला, कांगड़ा, चम्बा और कुल्लू जैसे क्षेत्रों से लोगों ने ठेकेदारों की मनमानी और सरकार की अनदेखी को लेकर गुस्सा जाहिर किया। कई यूजर्स ने लिखा कि “हर ठेके पर यही हाल है, कहीं भी एमआरपी का पालन नहीं होता।”
लोगों का सरकार पर सवाल
कई लोगों ने सरकार और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए, कि जब हर बोतल पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य लिखा होता है, तो फिर खुलेआम एमआरपी से ज्यादा दाम वसूलना कैसे माफ किया जा रहा है? एक यूजर ने लिखा, “राजस्व बढ़ाने के नाम पर सरकार जनता को लूटने वालों को संरक्षण दे रही है।”
लोगों ने एक सुर में मांग की है कि शराब की बिक्री पर पारदर्शिता लाई जाए, और हर ठेके पर रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से चस्पा की जाए।
अभी तक इस विषय पर जिला प्रशासन या आबकारी विभाग की ओर से कोई बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उठ रही आवाज़ें अब सरकार के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।

