हमीरपुर, 24 मार्च: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय के एक सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला ने सख्त कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और उपाधीक्षक को ड्यूटी से हटा दिया है।
कैसे उजागर हुआ नकल का मामला?
15 मार्च को 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा के दौरान हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की एक टीम ने हमीरपुर के एक सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन छात्रों के पास से नकल सामग्री बरामद की गई।
- जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र में तैनात अधीक्षक और उपाधीक्षक की लापरवाही के कारण नकल हो रही थी।
- बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से दोनों अधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया।
- तीनों छात्रों के खिलाफ नकल का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बोर्ड की सख्ती और कड़े निर्देश
इस घटना के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को कड़े निर्देश जारी किए हैं और निगरानी बढ़ाने को कहा है।
- स्कूल प्रशासन को सतर्क रहने और परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
- अधीक्षक और उपाधीक्षक को स्कूल में अन्य नियमित कार्यों में शामिल किया गया है, लेकिन अब वे परीक्षा ड्यूटी नहीं संभालेंगे।
- उनकी जगह दो अन्य अध्यापकों को परीक्षा निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
उपनिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग, हमीरपुर डॉ. एमआर चौहान ने कहा कि नकल को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा और यह कार्रवाई एक मिसाल बनेगी।
“बोर्ड भविष्य में भी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएगा। नकल न केवल छात्रों के भविष्य के लिए हानिकारक है, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती है।”
नकल रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इस घटना के बाद शिक्षा बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- सीसीटीवी कैमरों की मदद से परीक्षा हॉल की निगरानी की जाएगी।
- फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
- पर्यवेक्षकों को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- अगर किसी परीक्षा केंद्र में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर की घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
हमीरपुर में सामने आए इस मामले ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और शिक्षकों की जिम्मेदारी के महत्व को उजागर किया है। शिक्षा बोर्ड अब आने वाली परीक्षाओं में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की तैयारी कर रहा है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग और विद्यार्थी?
इस घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है। कुछ छात्रों का कहना है कि सख्ती जरूरी है, लेकिन निर्दोष विद्यार्थियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
“जो छात्र मेहनत से पढ़ाई करते हैं, उनके लिए नकल करने वाले छात्रों पर कार्रवाई होना जरूरी है। इससे परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहती है,” – एक छात्र का बयान।
हमीरपुर के इस मामले ने हिमाचल प्रदेश में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की जरूरत को फिर से उजागर किया है। शिक्षा बोर्ड ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।