हिमाचल प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (HP TET) को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। परीक्षा जून और नवंबर महीने में होगी, जिससे छात्रों और अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अधिक अवसर मिलेगा। इस बदलाव का उद्देश्य है राज्य में योग्य शिक्षकों की संख्या बढ़ाना और शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाना।
आठ विषयों के साथ स्पेशल एजुकेटर के लिए भी TET
इस बार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठ विषयों के साथ विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) के लिए भी TET परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। यह राज्य में अपनी तरह की पहली परीक्षा होगी, जो विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों की भर्ती में मदद करेगी। हालांकि, इस परीक्षा के लिए अभी सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, “स्पेशल एजुकेटर के लिए TET परीक्षा का शेड्यूल तैयार हो चुका है, और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। इससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।”
परीक्षा प्रक्रिया और शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने TET परीक्षा के लिए नया शेड्यूल तैयार किया है। परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया हर साल मार्च और अक्टूबर में शुरू होगी।
- जून सत्र: पहली परीक्षा जून में आयोजित होगी।
- नवंबर सत्र: दूसरी परीक्षा नवंबर में आयोजित की जाएगी।
परीक्षा परिणाम जल्दी घोषित किए जाएंगे ताकि चयन प्रक्रिया में देरी न हो। इससे शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
छात्रों को होगा फायदा
परीक्षा साल में दो बार आयोजित होने से छात्रों को कई फायदे होंगे:
- अगर कोई छात्र एक सत्र में असफल रहता है, तो उसे अगले सत्र में जल्दी मौका मिलेगा।
- छात्रों को तैयारी के लिए अधिक समय और अवसर मिलेगा।
- समय पर परिणाम घोषित होने से नौकरी प्रक्रिया में आसानी होगी।
विशेष ध्यान
शिक्षा बोर्ड ने यह भी कहा है कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। छात्र घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और परीक्षा से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन पा सकते हैं।
प्रशासन की तैयारियां
शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, और परीक्षार्थियों को उनके आवेदन पत्र और एडमिट कार्ड में किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। “साल में दो बार परीक्षा आयोजित होने से छात्रों को तैयारी के अधिक मौके मिलेंगे। साथ ही, स्पेशल एजुकेटर के लिए परीक्षा का आयोजन एक सराहनीय कदम है, जो विशेष बच्चों की शिक्षा में बड़ा बदलाव लाएगा,” एक शिक्षा विशेषज्ञ ने कहा।