रोजाना24, चम्बा 29 मार्च : पशु पालन विभाग की ओर से आज पशुपालकों के लिए जागरूकता शिविक का आयोजन किया गया। शिविर में 20 महिला-पुरुष पशुपालकों ने भाग लिया । शिविर का उद्देश्य इन पशुपालकों को पूर्व में दी गई जानकारी को अपडेट करना था । शिविर में जानकारी देते हुए सहायक निदेशक भेड़ विकास राकेश भंगालिया ने कहा कि भरमौर उपमंडल के पशु पालकों के पास इस समय करीब 15 हजार गौवंश व 93 हजार भेड़ -बकरियां हैं। जबकि टीकाकरण व अन्य गणना के अनुसार क्षेत्र में 1.5 लाख के करीब सभी प्रकार का पशुधन है। 

उन्होंने कहा कि पशुधन को क्षेत्र के लोग व्यवसाय की तरह उपयोग कर रहे हैं। लेकिन विभागीय प्रयासों के बावजूद बहुत से पशु पालक पारम्परिक तरीके से पशुपालन कर रहे हैं जिससे उन्हें पूरा वित्तीय लाभ नहीं मिल पाता । उन्होंने कहा कि दुधारू गायों में दूध की क्षमता बढ़ानें के लिए उनके आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए । 

दुधारू गायों के प्रति किग्रा दूध पर आधा किग्रा मोटा आनाज की (फीड) दैनिक खिलाना आवश्यक है। गायों को कृमिनाशक दवाई हर तीन माह में खिलाई जानी चाहिए । गायों के गर्भाधान के तीन माह उपरांत फिर से चिकित्सीय परीक्षण करवाना आवश्यक है।  

Advertisement

उन्होंने कहा कि गोबर को केंचुआ पिट के माध्यम से महंगी खाद में बदल कर आमदनी अर्जित की जा सकती है यह इससे अपने खेतों की उर्वर क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इस दौरान उन्होंने बकरी व मुर्गी पालन पर भी पशुपालकों का ध्यान खींचा। 

 शिविर में भाग लेने वाली महिला पशुपालकों ने कहा कि विभाग द्वारा बेहतरीन जानकारी प्रदान की गई है। इससे उन्हें गायों के बेहतर रख रखाव व उनकी दूध क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।