शिमला: राजधानी शिमला के कच्चीघाटी क्षेत्र में HRTC चालक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली-रोहड़ू रूट पर ड्यूटी कर रहे तारादेवी डिपो के चालक पर कुछ शरारती तत्वों और पर्यटकों द्वारा हमला किया गया, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद चालक लहूलुहान अवस्था में देखा गया, जिसके बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी रोष है।
घटना ISBT शिमला के समीप कच्चीघाटी इलाके में हुई बताई जा रही है। चालक-परिचालक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
HRTC कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निगम के चालक और परिचालक कठिन परिस्थितियों में दिन-रात यात्रियों को सुरक्षित सेवाएं प्रदान करते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कर्मचारियों के मनोबल को कमजोर करती हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
चालक-परिचालक संगठन ने प्रदेश सरकार और HRTC प्रबंधन से मांग की है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के साथ हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
एक कर्मचारी नेता ने कहा,
“HRTC कर्मचारी हर मौसम और कठिन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में कर्मचारियों पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बस चालकों और परिचालकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि संवेदनशील रूटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
