Nowruz (Navroz) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

Nowruz से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

1. Nowruz किस धर्म द्वारा मनाया जाता है?

Nowruz मुख्य रूप से जोरोएस्ट्रियन (Zoroastrianism) और बहाई (Bahá’í) धर्मों के अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है। हालांकि, यह त्योहार ईरान, मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और कई अन्य देशों में सांस्कृतिक रूप से भी मनाया जाता है, इसलिए इसे किसी एक धर्म तक सीमित नहीं किया जा सकता।

2. भारत में Nowruz (Navroz) किस धर्म के लोग मनाते हैं?

भारत में Nowruz मुख्य रूप से पारसी समुदाय और बहाई समुदाय द्वारा मनाया जाता है। पारसी समुदाय जोरोएस्ट्रियन धर्म के अनुयायी हैं और वे इस दिन को अपने नववर्ष के रूप में मनाते हैं।

3. भारत में Navroz त्योहार किस राज्य में मनाया जाता है?

Navroz मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गुजरात में पारसी समुदाय द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा, यह त्योहार दिल्ली और मुंबई में भी प्रमुख रूप से मनाया जाता है, जहां पारसी और बहाई समुदाय के लोग रहते हैं।

4. भारत में Navroz त्योहार की शुरुआत किसने की?

भारत में Navroz त्योहार की शुरुआत मुगल सम्राट अकबर ने की थी। उन्होंने इसे अपने दरबार में एक प्रमुख त्योहार के रूप में अपनाया और इसे मुगल साम्राज्य में लोकप्रिय बनाया।


Nowruz से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

5. Nowruz कब मनाया जाता है?

Nowruz हर साल वसंत विषुव (Spring Equinox) के दिन मनाया जाता है, जो आमतौर पर 20 या 21 मार्च को पड़ता है। यह दिन तब आता है जब दिन और रात बराबर होते हैं और वसंत ऋतु की आधिकारिक शुरुआत होती है।

6. Nowruz का क्या अर्थ होता है?

Nowruz फारसी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है “नया दिन”। यह एक नए साल की शुरुआत और नवीनीकरण का प्रतीक है।

7. Nowruz किस-किस देश में मनाया जाता है?

Nowruz ईरान, अफगानिस्तान, अजरबैजान, तुर्की, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, कज़ाखस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान, भारत, पाकिस्तान, इराक, सीरिया और कुछ अन्य देशों में मनाया जाता है।

8. Nowruz का क्या ऐतिहासिक महत्व है?

Nowruz की जड़ें जोरोएस्ट्रियन धर्म में हैं और यह 3,000 से अधिक वर्षों से मनाया जा रहा है। यह त्योहार प्राचीन फारसी साम्राज्य से जुड़ा हुआ है और इसे अकेमेनिड, सासानी और मुगल साम्राज्य में भी प्रमुखता मिली थी।

9. पारसी समुदाय Nowruz कैसे मनाता है?

पारसी समुदाय Nowruz पर घर की सफाई (ख़ाने-तेकानी), हफ़्त-सीन टेबल सजाने, अग्नि मंदिरों में प्रार्थना करने, पारंपरिक भोजन खाने और परिवार के साथ समय बिताने जैसी परंपराएं निभाते हैं।

10. हफ़्त-सीन (Haft-Seen) क्या होता है?

हफ़्त-सीन Nowruz का एक प्रमुख अनुष्ठान है, जिसमें 7 चीजें रखी जाती हैं, जिनके नाम फ़ारसी अक्षर “S” से शुरू होते हैं। ये स्वास्थ्य, समृद्धि और पुनर्जन्म का प्रतीक होती हैं, जैसे – सब्ज़ेह (अंकुरित अनाज), सेब (स्वास्थ्य), सिरका (धैर्य), सुमाक (जीवन का स्वाद), समनू (समृद्धि), लहसुन (सुरक्षा) और जूजूब (प्रेम)।

11. बहाई समुदाय Nowruz क्यों मनाता है?

बहाई धर्म में Nowruz को नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। बहाई कैलेंडर में यह दिन फरवरी-मार्च के रोज़े (फास्टिंग) के अंत का प्रतीक होता है, जिसे वे प्रार्थना, ध्यान और नए संकल्पों के साथ मनाते हैं।

12. Nowruz से पहले कौन सा खास त्योहार मनाया जाता है?

Nowruz से पहले “चहारशंबे-सूरी” (Chaharshanbe Suri) मनाया जाता है, जिसे “आग का त्योहार” भी कहा जाता है। इस दिन लोग जलती हुई आग के ऊपर से कूदते हैं और गाते हैं “मेरी पीली त्वचा तुम्हारी हो, तुम्हारी लालिमा मेरी हो”, जो नकारात्मकता को दूर करने और ऊर्जा प्राप्त करने का प्रतीक है।

13. सिज़्दा बेदार (Sizdah Bedar) क्या है?

Nowruz के 13वें दिन, इसे समाप्त करने के लिए सिज़्दा बेदार मनाया जाता है। इस दिन लोग खुले में पिकनिक मनाते हैं, नदियों में हरी घास (सब्ज़ेह) बहाते हैं और प्राचीन विश्वास के अनुसार बुरी किस्मत से बचने के लिए घर के बाहर समय बिताते हैं।

14. Nowruz को संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कब मान्यता दी?

संयुक्त राष्ट्र ने 2010 में Nowruz को अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी और इसे 21 मार्च को “अंतर्राष्ट्रीय Nowruz दिवस” घोषित किया।

15. भारत में Nowruz कब मनाया जाता है?

भारत में पारसी समुदाय Nowruz को दो बार मनाता है:

  1. ईरानी कैलेंडर के अनुसार (20 या 21 मार्च को)
  2. शहंशाही कैलेंडर के अनुसार (जुलाई-अगस्त में, जिसकी तारीख हर साल बदलती रहती है)

16. मुगल सम्राट अकबर ने Nowruz को क्यों अपनाया?

अकबर ने Nowruz को अपने दरबार में इसलिए अपनाया क्योंकि यह एक फारसी परंपरा थी और मुगलों का ईरानी संस्कृति से गहरा संबंध था। अकबर के शासन में इसे एक राजकीय त्योहार का दर्जा दिया गया और इसे दरबार में बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा।

17. Nowruz में कौन-कौन से पारंपरिक व्यंजन खाए जाते हैं?

Nowruz में खाए जाने वाले विशेष व्यंजन हैं:

  • सब्ज़ी पोलो बा माही (Herbed rice with fish)
  • कुकू सब्ज़ी (Herb omelet)
  • शोले ज़र्द (Saffron rice pudding)
  • रिश्ते पोलो (Noodle rice)

18. भारत में पारसी समुदाय Nowruz कैसे मनाता है?

भारत में पारसी समुदाय Nowruz के दिन अग्नि मंदिरों में प्रार्थना करने, पारंपरिक पारसी व्यंजन खाने, रिश्तेदारों से मिलने और अपने घर को फूलों और दीपों से सजाने जैसी परंपराएं निभाता है।

19. Nowruz पर कौन-कौन से सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं?

Nowruz के दौरान विभिन्न देशों में संगीत, नृत्य, घुड़सवारी, कुश्ती, रस्साकशी और पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाता है।

20. Nowruz से जुड़ा सबसे बड़ा संदेश क्या है?

Nowruz नवजीवन, पुनर्जन्म, शांति, प्रेम और एकता का संदेश देता है। यह न केवल एक नववर्ष है, बल्कि मानवता को प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक तरीका भी है।

📜 Nowruz मुबारक! 🌸✨