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मणिमहेश यात्रा-2026: हड़सर-धनछो ट्रैक पर तैयारियां तेज, एडीएम विकास शर्मा ने सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा

मणिमहेश यात्रा-2026: हड़सर-धनछो ट्रैक पर तैयारियां तेज, एडीएम विकास शर्मा ने सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा

मणिमहेश यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए भरमौर प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। विश्व प्रसिद्ध इस धार्मिक यात्रा से पहले प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मंगलवार को एडीएम भरमौर विकास शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने हड़सर से धनछो तक पैदल यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन किया।

भरमौर में आयोजित इस निरीक्षण अभियान में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग और वन्य प्राणी प्रभाग (डीएफओ वाइल्डलाइफ) के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने हड़सर-धनछो ट्रैक पर पैदल चलकर मार्ग की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। विशेष रूप से उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया जो पिछले वर्ष मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से प्रभावित हुए थे।

निरीक्षण के दौरान एडीएम विकास शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त और संवेदनशील हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे किए जाने चाहिए।

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अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों के निर्माण और पुराने रास्तों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हिस्सों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराया जा सके।

पुलों के निर्माण पर विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान उन स्थानों की भी समीक्षा की गई जहां पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदाओं के कारण पुलों को नुकसान पहुंचा था। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के सहयोग से लकड़ी के अस्थायी पुल स्थापित किए जाएंगे।

इसके लिए तकनीकी आंकलन और उपयुक्त स्थलों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इन पुलों के निर्माण से यात्रा मार्ग पर आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।

मौसम की चुनौतियों को देखते हुए अग्रिम तैयारी

मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। हर वर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश झील में स्नान और भगवान शिव के दर्शन के लिए भरमौर पहुंचते हैं। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और भूस्खलन जैसी चुनौतियां प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा होती हैं।

इसी कारण इस बार प्रशासन ने समय रहते तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय बढ़ाया गया है। संबंधित विभागों को नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की तैयारी

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि यात्रा के दौरान मार्ग साफ-सुथरा और सुरक्षित रहे। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां चेतावनी संकेतक लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है।

एडीएम विकास शर्मा ने निरीक्षण के दौरान कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों और मौसम संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि मणिमहेश यात्रा-2026 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से युक्त यात्रा अनुभव मिल सके।

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