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मणिमहेश यात्रा 2026: 20 मई से 3 जून तक हड़सर-मणिमहेश झील मार्ग पूरी तरह बंद, प्रशासन ने जारी किया सख्त आदेश

मणिमहेश यात्रा 2026: 20 मई से 3 जून तक हड़सर-मणिमहेश झील मार्ग पूरी तरह बंद, प्रशासन ने जारी किया सख्त आदेश

मणिमहेश यात्रा 2026 को लेकर भरमौर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। चंबा जिले के उपमंडल भरमौर में स्थित हड़सर से मणिमहेश झील तक जाने वाला मार्ग 20 मई 2026 से 3 जून 2026 तक पूर्णतः बंद रहेगा। प्रशासन ने यात्रियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है।

उपमंडल दंडाधिकारी (SDM) भरमौर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पिछले वर्ष भारी भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के कारण मणिमहेश ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा था। कई स्थानों पर रास्ता बेहद संकरा और खतरनाक हो गया है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग (HPPWD) द्वारा युद्ध स्तर पर ट्रैक की मरम्मत और पहाड़ कटिंग का कार्य किया जा रहा है।

पहाड़ से गिर रहे पत्थर, बढ़ा खतरा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य के दौरान भारी ब्लास्टिंग और पत्थर हटाने का काम जारी है। इस दौरान लगातार चट्टानों और मलबे के गिरने का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस समय श्रद्धालु या पर्यटक ट्रैक पर जाते हैं तो जानलेवा हादसे की संभावना बढ़ सकती है।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर श्री विकास शर्मा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।

15 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा आवागमन

जारी आदेश के अनुसार, हड़सर से आगे मणिमहेश झील की ओर सभी प्रकार की आवाजाही, ट्रैकिंग और धार्मिक यात्रा पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 20 मई से लागू होकर 3 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

हालांकि, सरकारी मरम्मत कार्य में लगे तकनीकी कर्मचारी, मजदूर और मशीनरी को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। प्रशासन ने वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि हड़सर में सख्त चेक पोस्ट स्थापित किए जाएं ताकि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।

मणिमहेश यात्रा का धार्मिक महत्व

मणिमहेश झील हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। हर साल अगस्त-सितंबर में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। झील के पीछे स्थित मणिमहेश कैलाश पर्वत को शिव का निवास माना जाता है।

हालांकि इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही कई श्रद्धालु और ट्रैकर्स वहां पहुंचने लगे थे, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई। ट्रैक की खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते यह कदम उठाया है।

प्रशासन ने जारी की अपील

भरमौर प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान हड़सर-मणिमहेश मार्ग का उपयोग न करें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मार्ग को सुरक्षित तरीके से दोबारा खोला जाएगा। फिलहाल लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सोशल मीडिया पर भी जारी हुआ अलर्ट

प्रशासन द्वारा जारी यह सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। श्रद्धालुओं और ट्रैवल एजेंसियों को भी इस संबंध में जानकारी दी जा रही है ताकि कोई व्यक्ति बिना जानकारी के यात्रा पर न निकले।

स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वन विभाग को आदेशों के सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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