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कंगना रनौत के भरमौर दौरे के बाद बढ़ी ‘नुआचड़ी’ की मांग, गद्दी पारंपरिक वेशभूषा को मिल रही नई पहचान

कंगना रनौत के भरमौर दौरे के बाद बढ़ी ‘नुआचड़ी’ की मांग, गद्दी पारंपरिक वेशभूषा को मिली नई पहचान

भरमौर की पारंपरिक गद्दी वेशभूषा ‘नुआचड़ी’ एक बार फिर चर्चा में है। बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत द्वारा 2024 में भरमौर दौरे के दौरान पहनी गई नुआचड़ी ने इस पारंपरिक पहनावे को देश-विदेश तक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। हिमाचल की जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस खास परिधान की मांग अब तेजी से बढ़ रही है।

लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान 2024 में जब कंगना रनौत पहली बार भरमौर पहुंची थीं, तब उन्होंने गद्दी महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा ‘नुआचड़ी’ पहनकर चौरासी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की थी। कंगना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिसके बाद इस पारंपरिक पहनावे को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई।

इंटरव्यू में भी की थी नुआचड़ी की तारीफ

भरमौर दौरे के बाद कंगना रनौत ने अपने कई इंटरव्यू में चंबा की गद्दी संस्कृति और पहनावे की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा था कि हिमाचल के पारंपरिक परिधानों में गद्दी महिलाओं का पहनावा उन्हें सबसे अधिक आकर्षक और “एक्साइटिंग” लगता है।

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कंगना ने कहा था:

“चम्बा की गद्दी महिलाओं की नुआचड़ी हिमाचल की सबसे खूबसूरत पारंपरिक ड्रेसों में से एक है। इसकी डिजाइन, रंग और आभूषण बेहद खास हैं।”

बढ़ी नुआचड़ी की मांग

स्थानीय कारीगरों और महिलाओं का कहना है कि कंगना रनौत के भरमौर दौरे के बाद नुआचड़ी की मांग में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिली है। शादी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और फोटोशूट के लिए अब युवतियां विशेष रूप से इस पारंपरिक ड्रेस को पसंद कर रही हैं।

भरमौर की स्थानीय महिला और पारंपरिक परिधान तैयार करने वाली सुनीता देवी ने बताया:

“पहले नुआचड़ी सिर्फ स्थानीय त्योहारों और मेलों तक सीमित थी, लेकिन कंगना जी के दौरे के बाद बाहर से भी ऑर्डर आने लगे हैं। अब युवा पीढ़ी भी इसे गर्व से पहन रही है।”

वहीं चंबा की एक अन्य महिला कारीगर रेखा ठाकुर ने कहा:

“सोशल मीडिया पर कंगना रनौत की तस्वीरें वायरल होने के बाद नुआचड़ी की मांग बढ़ गई है। कई पर्यटक अब इसे किराए पर लेकर फोटोशूट भी करवाते हैं।”

‘मिस हिमाचल-2026’ में भी दिखा नुआचड़ी का जलवा

गद्दी संस्कृति की लोकप्रियता का असर अब फैशन जगत में भी दिखाई देने लगा है। हाल ही में आयोजित मिस हिमाचल-2026 के ग्रैंड फिनाले में अरनी यूनिवर्सिटी के फैशन डिजाइनिंग छात्रों ने गद्दी पारंपरिक पहनावे नुआचड़ी को मॉडर्न अंदाज में प्रस्तुत किया।

टॉप-20 फाइनलिस्ट ने हिमाचली टोपी, चंद्रहार और पारंपरिक गद्दी आभूषणों के साथ नुआचड़ी पहनकर मंच पर रैंप वॉक की। इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायक ईंशात भारद्वाज के गद्दियाली गीतों और नाटी किंग ठाकुर दास राठी व विक्की चौहान के गानों पर पहाड़ी फ्यूजन राउंड भी आयोजित किया गया।

इस प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।

फोटो लिंक:
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गद्दी संस्कृति को मिल रही नई पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सेलिब्रिटी प्रभाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंगना रनौत के भरमौर दौरे के बाद गद्दी पहनावे, आभूषणों और संस्कृति को लेकर युवाओं में नई रुचि देखने को मिल रही है।

चंबा और भरमौर क्षेत्र के लोग इसे गद्दी संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

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