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हिमाचल में ऑनलाइन ई-ऑक्शन से शराब ठेकों का आवंटन शुरू, 2026-27 के लिए नई डिजिटल नीति लागू

हिमाचल में ऑनलाइन ई-ऑक्शन से शराब ठेकों का आवंटन शुरू, 2026-27 के लिए नई डिजिटल नीति लागू

हिमाचल में ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्रक्रिया के तहत पहली बार वर्ष 2026-27 के लिए शराब ठेकों का आवंटन शुरू कर दिया गया है। Himachal Pradesh सरकार ने पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नई डिजिटल प्रणाली के तहत अब रिटेल शराब लाइसेंस पूरी तरह ऑनलाइन बोली प्रक्रिया के माध्यम से दिए जाएंगे। इस व्यवस्था की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से Kinnaur, Hamirpur और Chamba जिलों से की गई है।

क्या है ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्रणाली?

ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से इच्छुक ठेकेदार घर बैठे पंजीकरण कर बोली लगा सकेंगे। पहले जहां शराब ठेकों की नीलामी ऑफलाइन या सीमित पारदर्शिता के साथ होती थी, वहीं अब पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत और मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी।

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, “इस नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।” विभाग का दावा है कि डिजिटल रिकॉर्डिंग के कारण किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मुख्य उद्देश्य राजस्व में बढ़ोतरी और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। पिछले वर्षों में ठेकों के आवंटन को लेकर कई जिलों में विवाद और शिकायतें सामने आई थीं। ऑनलाइन ई-ऑक्शन के जरिए सरकार ने इन समस्याओं पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई है।

वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 2026-27 के लिए आबकारी नीति में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें सुरक्षा जमा राशि, लाइसेंस फीस और शर्तों में भी संशोधन शामिल है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अधिक बोली मिलने की संभावना है।

 ई-नीलामी पोर्टल का लिंक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.hptax.gov.in और आबकारी ई-गवर्नेंस पोर्टल https://egovef.hptax.gov.in पर उपलब्ध करावाया गया है। पोर्टल को सीधे https://eauction.gov.in/ngauction पर भी एक्सेस किया जा सकता है।

किन जिलों से हुई शुरुआत?

पहले चरण में किन्नौर, हमीरपुर और चंबा जिलों को चुना गया है। इन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ऑनलाइन नीलामी की जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले महीनों में इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, “पहले दिन ही पोर्टल पर बड़ी संख्या में पंजीकरण हुए हैं, जो इस बात का संकेत है कि व्यापारी इस नई प्रणाली को सकारात्मक रूप से ले रहे हैं।”

कारोबारियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय व्यापारियों ने इस कदम का स्वागत किया है। हमीरपुर के एक ठेकेदार ने बताया, “ऑनलाइन ई-ऑक्शन से हमें पारदर्शी मौका मिलेगा। पहले कई बार प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती थी, लेकिन अब सब कुछ रिकॉर्ड में रहेगा।”

हालांकि कुछ छोटे व्यापारियों ने तकनीकी जानकारी और इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर चिंता भी जताई है, खासकर किन्नौर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में।

सरकार की तैयारी

आबकारी विभाग ने ई-ऑक्शन के लिए विशेष तकनीकी टीम गठित की है। हेल्पलाइन नंबर और गाइडलाइन जारी की गई हैं ताकि पंजीकरण और बोली प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत न आए।

सरकार का अनुमान है कि नई डिजिटल नीति से इस वित्त वर्ष में आबकारी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पिछले वर्ष की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बोली मिलने की संभावना जताई जा रही है।

आगे क्या?

यदि पहले चरण की ई-ऑक्शन प्रक्रिया सफल रहती है, तो इसे शिमला, कांगड़ा, मंडी और अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन की पूरी व्यवस्था डिजिटल और केंद्रीकृत हो जाएगी।

सरकार की इस पहल को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत यह निर्णय प्रदेश की नीतियों को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

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