स्मार्ट मीटर के विरोध में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ–पपरोला नगर परिषद क्षेत्र में मंगलवार को जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला। वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार और पांच की सैकड़ों महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ बैजनाथ बाजार में जोरदार रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और मुंह पर नारे लिए महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी हालत में अपने घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगी।
रैली के दौरान महिलाओं ने “स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए”, “जनता की सहमति जरूरी” जैसे नारे लगाए। इसके बाद महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम बैजनाथ के कार्यालय पहुंचा, जहां एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की गई।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा बिना उपभोक्ताओं की सहमति पुराने मीटर उखाड़कर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का हनन है, बल्कि ग्रामीण और साधारण परिवारों के लिए गंभीर परेशानी का कारण भी बन सकता है।
नगर परिषद पार्षद अमित कपूर ने इस मौके पर कहा, “दो लोग बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के घरों में पहुंच रहे हैं और पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। यह पूरी तरह गलत है। उपभोक्ताओं को विश्वास में लिए बिना इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गया, तो इसे लेकर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
रैली में शामिल महिला सुमन ने कहा कि स्मार्ट मीटर से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “पुराने मीटर पूरी तरह ठीक थे। अगर सरकार को नए मीटर लगाने ही थे, तो पहले लोगों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी और सहमति ली जानी चाहिए थी।”
सुमन ने यह भी बताया कि बैजनाथ–पपरोला क्षेत्र के कई लोग ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं और अनेक परिवारों के पास आज भी स्मार्टफोन नहीं है। ऐसे में स्मार्ट मीटर से जुड़ी डिजिटल बिलिंग और मोबाइल आधारित सूचनाएं समय पर नहीं मिल पाएंगी। इससे बिजली बिल की जानकारी न होने पर कनेक्शन कटने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो सकते हैं।
महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों और क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ा। इसी डर के चलते बैजनाथ क्षेत्र की महिलाएं एकजुट होकर सड़कों पर उतरी हैं।
रैली के दौरान कई महिलाओं ने यह भी कहा कि घरेलू जिम्मेदारियों के बीच बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ा कोई भी फैसला जनता की सहमति के बिना नहीं लिया जाना चाहिए। एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, “बिजली हमारे घरों की जरूरत है, लेकिन ऐसे मीटर नहीं जो हमें और परेशान करें।”
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपते समय प्रशासन की ओर से महिलाओं को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

