कांगड़ा पुलिस अधिकारी पर हमला की यह घटना हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के फतेहपुर क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक घरेलू हिंसा की शिकायत की जांच के दौरान पुलिस अधिकारी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया गया। यह गंभीर मामला 25 जनवरी की रात का है, जिसने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 112 पुलिस हेल्पलाइन पर इंद्र बाला पत्नी बुद्धि सिंह, निवासी तुहाड़ पंचायत (हटली) ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका पति उसके साथ मारपीट कर रहा है। शिकायत मिलते ही पुलिस थाना फतेहपुर की टीम तुरंत सक्रिय हुई। जांच अधिकारी एएसआई इंद्र सिंह पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेना शुरू किया।
जांच के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब शिकायतकर्ता महिला का पति बुद्धि सिंह अचानक घटनास्थल पर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह पहले से ही आक्रोशित था। पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस द्वारा उसे शांत करने का प्रयास किया जा रहा था, इसी दौरान उसने अचानक कुल्हाड़ी से एएसआई इंद्र सिंह पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि कुल्हाड़ी सीधे एएसआई के सिर पर लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।
मौके पर मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। एक पंचायत सदस्य ने बताया, “अगर हम समय रहते बीच में न आते, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।” हालांकि अफरा-तफरी के बीच आरोपी मौके से फरार होने में सफल हो गया।
घायल एएसआई इंद्र सिंह को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “पुलिस कर्मियों पर इस तरह के हमले बेहद गंभीर अपराध हैं। आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
घटना के बाद कांगड़ा पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी बुद्धि सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका और जोखिम को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 112 पुलिस हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली शिकायतों में कई बार हालात बेहद संवेदनशील होते हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “पुलिस अधिकारी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करते हैं, ऐसे में उन पर हमला पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।”
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले से किसी आपराधिक रिकॉर्ड में शामिल रहा है या नहीं। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
