मंडी, 17 दिसंबर। मंडी शहर के इंदिरा मार्केट स्थित शहीद स्मारक में 1971 भारत-पाक युद्ध की ऐतिहासिक जीत की स्मृति में 54वां विजय दिवस समारोह कल भव्य रूप से आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, सैनिक कल्याण विभाग, जिला पूर्व सैनिक लीग तथा डिफेंस वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। विजय दिवस समारोह के दौरान शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपायुक्त अपूर्व देवगन, वीर नारियां, पूर्व सैन्य अधिकारी, सेवारत व सेवानिवृत्त जवान, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर 1971 के युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को नमन किया।
विजय दिवस के अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने 1971 युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की वीर नारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मान पाने वाली वीर नारियों में विशन देवी (पत्नी शहीद सिपाही जय सिंह), चिंता देवी (पत्नी शहीद सिपाही किशन चंद), निर्मला देवी (पत्नी शहीद नायक अमर सिंह), कृष्णा देवी (पत्नी शहीद सिपाही नरोत्तम राम), तुलसी देवी (पत्नी शहीद लांस नायक महंत राम), विमलकांत (पत्नी शहीद सिपाही कृष्ण चंद) तथा विमला कुमारी (पत्नी शहीद सिपाही खूब राम) शामिल रहीं।






इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि विजय दिवस जैसे आयोजनों में वीर नारियों को ही मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वास्तविक और सबसे बड़ा बलिदान उन्हीं परिवारों ने दिया है। इसी भावना को दर्शाते हुए उन्होंने स्वयं मंच पर दूसरी पंक्ति में बैठकर यह संदेश दिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में वीर नारियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम केवल सहयोगी की भूमिका में हैं, असली सम्मान उन परिवारों का है जिन्होंने अपने प्रियजनों को देश के लिए समर्पित किया।”
उपायुक्त ने कहा कि आज देश जिस शांति, सुरक्षा और विकास के वातावरण में आगे बढ़ रहा है, वह सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि 1971 के युद्ध में मंडी जिले के 21 जवान शहीद हुए थे। इन वीर सपूतों के बलिदान की बदौलत ही आज देशवासी निर्भय होकर स्वतंत्र जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने समस्त जिला वासियों की ओर से वीर नारियों और सैनिक परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला सैनिक कल्याण विभाग के उप निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल गुलेरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 दिसंबर को 1971 भारत-पाक युद्ध की विजय के 54 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध 3 दिसंबर से 16 दिसंबर 1971 तक चला और मात्र 14 दिनों में भारतीय सेना ने सुनियोजित रणनीति के तहत निर्णायक जीत हासिल की। 16 दिसंबर 1971 को पूर्वी पाकिस्तान को आजादी मिली, जो आज बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध में देश के 3845 वीर सैनिक शहीद हुए, जिनमें हिमाचल प्रदेश के 190 और मंडी जिले के 21 जवान शामिल थे।
जिला पूर्व सैनिक लीग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन हेत राम शर्मा ने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश को चार परमवीर चक्र प्राप्त होने का गौरव हासिल है। उन्होंने बताया कि मंडी जिले के सूबेदार कांशी राम को 1962 के युद्ध में महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था, जो जिले के लिए गर्व की बात है।
विजय दिवस समारोह में नगर निगम महापौर वीरेन्द्र भट्ट, एसडीएम मंडी सदर रूपिन्द्र कौर, नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर, कर्नल एमके मंडयाल, कर्नल भीम सिंह, कर्नल हरिश वैद्य, कर्नल प्रताप, कर्नल वीरेंद्र तपवाल, कर्नल जेसी सैनी, जिला पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कैप्टन कश्मीर सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिक, प्रशासनिक अधिकारी और डिफेंस वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष आशा ठाकुर, सचिव सरिता गुलेरिया व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
