भरमौर की खनी पंचायत में हाल ही में हुए भालू हमले में एक महिला की मृत्यु के बाद Human–Animal Conflict को लेकर स्थानीय समुदाय में गंभीर चिंता व्याप्त है। इसी संदर्भ में भरमौर वन विभाग ने पंचायत में एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की, जिसमें ग्रामीणों को सुरक्षा उपायों, जोखिम की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के आसपास कई भालू देखे जा रहे हैं, जिसके कारण लोगों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीण प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि रात के समय आवागमन चुनौतीपूर्ण हो गया है और खतरे की आशंका बनी रहती है।

कार्यशाला में दिए गए प्रमुख सुरक्षा निर्देश

वन विभाग के अधिकारियों ने Human–Animal Conflict से जुड़े आवश्यक निर्देश साझा किए, जिनमे शामिल हैं –

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घने या सुनसान क्षेत्रों में चलते समय सतर्क रहना।

जंगली जानवर दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखना।

किसी भी प्रकार की उकसाने वाली गतिविधि से बचना।

घटना या गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देना

अधिकारियों ने बताया कि विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों को सही व्यवहारिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है।

ग्रामीणों ने उठाई अतिरिक्त सुरक्षा की मांग

कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग भी रखी, ताकि भालुओं की गतिविधियों की बेहतर निगरानी हो सके।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि सुरक्षा उपायों से जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने और सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।