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📰 डॉ. जनक राज ने जनजातीय राज्य मंत्री को सौंपा माँग पत्र – जनजातीय दर्जा से लेकर मणिमहेश यात्रा तक रखे बड़े मुद्दे

केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके के भरमौर प्रवास के दौरान स्थानीय विधायक डॉ. जनक राज ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और माँगों से संबंधित विस्तृत माँग पत्र सौंपा।

📌 डॉ. जनक राज की प्रमुख माँगें

1️⃣ मेहला ब्लॉक की 24 पंचायतों को जनजातीय दर्जा
डॉ. जनक राज ने कहा कि मेहला ब्लॉक की चौबीस पंचायतों को लंबे समय से जनजातीय सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने माँग रखी कि इन पंचायतों को जनजातीय उपयोजना में शामिल किया जाए और हड़सर व उल्लांसा गाँव के छूटे हुए लोगों को भी जनजातीय दर्जा मिले।

2️⃣ पठानकोट–किलाड़ उच्च मार्ग
उन्होंने पांगी क्षेत्र को सभी मौसम में कनेक्टिविटी दिलाने के लिए पठानकोट–किलाड़ हाईवे को केंद्र की स्वीकृति देने की मांग की।

3️⃣ भनोड़ी–प्रेग्रान रोपवे
क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने हेतु इस रोपवे परियोजना का महत्व बताया।

4️⃣ होली–उतराला सड़क को केंद्र के अधीन करना
इस मार्ग को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए डॉ. जनक राज ने इसे केंद्र सरकार की देखरेख में लाने का आग्रह किया।

5️⃣ मणिमहेश यात्रा को PRASAD योजना में शामिल करना
उन्होंने कहा कि हर साल लाखों श्रद्धालु मणिमहेश आते हैं, इसलिए इसे PRASAD योजना में शामिल किया जाना आवश्यक है।

6️⃣ चौरासी मंदिर समूह की सुरक्षा और व्यवस्था सुधार
ऐतिहासिक धरोहर चौरासी मंदिर को संरक्षित करने और बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की गई।

7️⃣ ब्रेही–करेरी सुरंग
इस सुरंग से भरमौर और कांगड़ा क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा होगा।

8️⃣ राष्ट्रीय राजमार्ग 154-A का सुधार व विस्तारीकरण
चंबा के विकास के लिए इस मार्ग का चौड़ीकरण तत्काल जरूरी बताया गया।

🗣️ केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने डॉ. जनक राज की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सभी मांगों को मंत्रालय स्तर पर प्राथमिकता से विचार किया जाएगा।

“भरमौर और पांगी जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। यहाँ की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।” – दुर्गा दास उइके