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डॉ. जनक राज ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात, मणिमहेश यात्रा को PRASAD योजना में शामिल करने का उठाया मुद्दा

नई दिल्ली / भरमौर, 28 जुलाई 2025।
भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने आज नई दिल्ली में भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट कर एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने श्री मणिमहेश यात्रा को केंद्र सरकार की PRASAD योजना (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) में शामिल करने का औपचारिक अनुरोध किया।

डॉ. जनक राज ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित मणिमहेश झील और कैलाश पर्वत न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनकर उभरते हैं। इसके बावजूद यहां बुनियादी ढांचागत सुविधाओं की घोर कमी है, जैसे – शौचालय, पेयजल, रात्रि विश्राम व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, कूड़ा प्रबंधन और मार्गों की मरम्मत।

“हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन ट्रैकिंग के माध्यम से पवित्र मणिमहेश झील की यात्रा करते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि यह यात्रा PRASAD योजना के अंतर्गत लाई जाती है, तो यहां आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा सकता है।” – डॉ. जनक राज, विधायक भरमौर-पांगी

🔷 क्या है PRASAD योजना?

PRASAD योजना का उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास करना है, जिससे न केवल तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, बल्कि स्थानीय पर्यटन, अर्थव्यवस्था और संस्कृति को भी बढ़ावा मिले। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार आधारभूत ढांचे, सड़क संपर्क, सुरक्षा, साफ-सफाई, सूचना केंद्र, और आवासीय व्यवस्था जैसी सुविधाओं के लिए विशेष पैकेज देती है।

🛕 मणिमहेश क्यों है योग्य?

🤝 केंद्रीय मंत्री का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने डॉ. जनक राज की इस पहल की सराहना की और आश्वासन दिया कि मणिमहेश यात्रा को PRASAD योजना में शामिल करने के लिए गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन मंत्रालय का उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि उन क्षेत्रों का भी विकास करना है जो अब तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहे हैं।

🛤️ क्षेत्रीय विकास की संभावना

डॉ. जनक राज का यह प्रयास भरमौर और पांगी जैसे जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी विकास के मार्ग खोल सकता है।
यदि यह योजना लागू होती है, तो:

🔹 यात्रा मार्गों का सुदृढ़ीकरण होगा
🔹 स्थानीय होटल, होमस्टे और दुकानदारों को फायदा मिलेगा
🔹 श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित होगी
🔹 सरकारी एवं निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा


📸 यह भेंट न केवल धार्मिक भावना की अभिव्यक्ति है, बल्कि भरमौर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक रणनीतिक पहल भी है।

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