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हिमाचल में ऊन उत्पादन को लेकर पांगी में हुई महत्वपूर्ण बैठक, वूल फेडरेशन निदेशक वीर सिंह राणा बोले – भेड़पालकों की आय बढ़ाना प्राथमिकता

हिमाचल में ऊन उत्पादन को लेकर पांगी में हुई महत्वपूर्ण बैठक, वूल फेडरेशन निदेशक वीर सिंह राणा बोले—भेड़पालकों की आय बढ़ाना प्राथमिकता

पांगी/चंबा: हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के निदेशक वीर सिंह राणा ने शनिवार को पांगी घाटी के पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में प्रदेश में भेड़पालन, ऊन उत्पादन और विपणन से जुड़ी चुनौतियों, योजनाओं और अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य था—ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के विजन को ज़मीन पर लागू करना।

🐑 भेड़पालकों की आमदनी बढ़ाने पर जोर

वीर सिंह राणा ने बैठक में कहा कि,
“हमें ऊन उद्योग को आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और मजबूत विपणन प्रणाली से जोड़ते हुए भेड़पालकों की आय को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री श्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में बसे पशुपालकों को योजनाओं का सीधा लाभ मिले और उनकी आजीविका में ठोस सुधार हो।”

📝 स्थानीय अधिकारियों ने साझा किए जमीनी अनुभव

बैठक में पशुपालन विभाग पांगी के अधिकारियों ने क्षेत्र में ऊन उत्पादन और पशुपालन से जुड़ी स्थानीय समस्याओं और समाधान साझा किए। इस दौरान वूल फेडरेशन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं पर भी चर्चा हुई।

👥 महत्वपूर्ण गणमान्य रहे मौजूद

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने बैठक में भाग लिया, जिनमें शामिल रहे:

वीर सिंह राणा ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि,
“आप सभी का सहयोग और सुझाव हमारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अमूल्य सिद्ध होगा।”

🌱 ऊन क्रांति की ओर मिलकर कदम

निदेशक ने कहा कि हिमाचल की ऊन क्रांति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी संबंधित विभागों और भेड़पालक समुदाय को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऊन विपणन को डिजिटल और पारदर्शी प्लेटफॉर्म से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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