भरमौर/चंबा: इको डेवलपमेंट कमेटी मणिमहेश द्वारा मणिमहेश यात्रा मार्ग के महत्वपूर्ण पड़ाव धनछो घासणी में एक व्यापक स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खतरे से अवगत कराना और मणिमहेश यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाना रहा।
इस अभियान के अंतर्गत यात्रियों को प्लास्टिक का उपयोग न करने, अपने कचरे को स्वयं निपटाने और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता के साथ-साथ इको डेवलपमेंट कमेटी, ग्रामीणों और युवाओं द्वारा सफाई कार्य भी किया गया, जिसमें कचरे को एकत्र कर उचित ढंग से निस्तारित किया गया।
👥 स्थानीय नेतृत्व ने निभाई अग्रणी भूमिका
इस अभियान में मणिमहेश ट्रस्ट के सदस्य एवं पुजारी महेन्द्र शर्मा, मंदिर समिति, और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। भरमौर क्षेत्र में इस वर्ष मणिमहेश यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें ऐसे जन-सहभागी अभियानों की अहम भूमिका है।
🌿 पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश
Responsible Tourism और Plastic Free Manimahesh जैसे संदेशों के साथ यह अभियान यात्रियों को यह समझाने में सफल रहा कि मणिमहेश केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक संवेदनशील क्षेत्र भी है, जिसकी रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अभियान में कुगती वन्यजीव अभयारण्य और वन्यजीव मंडल चंबा का भी तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ।
📣 आगे भी जारी रहेंगे जागरूकता कार्यक्रम
मणिमहेश मार्ग की स्वच्छता के लिए और भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए रहे हैं। इस पहल में श्रद्धालुओं, स्थानीय युवक मंडल, स्वयंसेवी संस्थाएं और अन्य संगठनों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि यह मुहिम अधिक व्यापक रूप ले सके।








📢 स्वच्छता अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक, शिव भक्तों से स्वयंसेवक के रूप में जुड़ने की अपील
मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें हड़सर से लेकर पवित्र मणिमहेश झील तक का क्षेत्र शामिल होगा। यह अभियान यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक बोतलें, रैपर और अन्य अपशिष्ट की मात्रा में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य को क्षति पहुंच रही है और स्थानीय जीव-जंतुओं के लिए खतरा उत्पन्न हो रहा है। मणिमहेश जैसे धार्मिक और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील स्थल की रक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक बन गया है।
यह मुहिम केवल सफाई नहीं, बल्कि भक्ति और सेवा का प्रतीक भी है। शिव भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे स्वयंसेवक के रूप में इस अभियान से जुड़ें, चाहे व्यक्तिगत रूप से हों या अपने परिवार, मित्रों या संगठनों के साथ मिलकर। इच्छुक लोग आधिकारिक संपर्क माध्यमों या पंजीकरण फॉर्म के जरिए भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
अधिक जानकारी व पंजीकरण हेतु:
📞 संपर्क करें: 7827097975
📧 ईमेल: manimaheshyatra2025@gmail.com
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