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भरमौर वन मंडल में वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की नई समिति का गठन – वर्दी और वेतन विसंगतियों के शीघ्र समाधान की मांग

भरमौर वन मंडल में वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की नई समिति का गठन – वर्दी और वेतन विसंगतियों के शीघ्र समाधान की मांग

भरमौर: वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश की भरमौर इकाई की समिति का गठन आज वन वृत्त चंबा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अब्दुल हमीद की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों से संबंधित गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें वर्दी वितरण में हो रही देरी और वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियां प्रमुख रहीं। समिति ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए उप अरण्यपाल, भरमौर से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

🧾 नवगठित समिति के पदाधिकारी

बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन किया गया:

  • अध्यक्ष: श्री अविनाश कुमार, वन रक्षक
  • परिषद उपाध्यक्ष: श्री सुनील कुमार, वन रक्षक
  • उपाध्यक्ष: श्री बिन्दु कुमार, वन रक्षक
  • महासचिव: श्री कुलदीप सिंह
  • मुख्य सलाहकार: श्री जितेन्द्र कुमार, उपवनराजिक एवं श्री योगेश कुमार, वन रक्षक
  • सचिव: श्री अक्षय कुमार, वन रक्षक
  • कोषाध्यक्ष: श्री टेक सिंह, वन रक्षक
  • प्रेस सचिव: श्री संजीव शर्मा, उपवनराजिक एवं श्री विशनुकांत चौपड़ा, वन रक्षक
  • लेखाकार: श्री सुनील दत्त, उपवनराजिक एवं श्री तेज सिंह, वन रक्षक

🚨 वर्दी वितरण में चार वर्षों की देरी, वेतन विसंगतियों पर आक्रोश

बैठक में यह गम्भीर रूप से उठाया गया कि भरमौर वन मंडल के फील्ड स्टाफ को पिछले चार वर्षों से विभागीय वर्दी प्राप्त नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों के कार्य निष्पादन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।

वेतन संबंधी समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए निम्नलिखित बिंदु सामने आए:

  • उपवनराजिक श्री सुनील दत्त एवं श्री तेज लाल की वेतन विसंगतियों को शीघ्र सुलझाने की आवश्यकता है।
  • 2015 व 2016 बैच के वन रक्षकों को समान कार्य के बावजूद वेतन असमानता का सामना करना पड़ रहा है।
  • 2007 व 2013 बैच के वन रक्षकों को एसीपीएस (आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना) के अंतर्गत वेतनवृद्धि अब तक प्राप्त नहीं हुई, जिसकी पूर्ति हेतु विभागीय कार्रवाई अपेक्षित है।

📢 महासंघ की मांगें और संकल्प

नवगठित समिति ने बैठक में स्पष्ट किया कि वर्दी वितरण में पिछले चार वर्षों से हो रही देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और अब इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता; वर्दी वितरण की प्रक्रिया को नियमित और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए। साथ ही, वेतन विसंगतियों और वर्षों से लंबित लाभों को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, जिन्हें लेकर महासंघ ने उप अरण्यपाल भरमौर के माध्यम से विभागीय स्तर पर त्वरित और ठोस समाधान की मांग की है, ताकि सभी वन कर्मियों को उनका उचित हक शीघ्र प्राप्त हो सके।