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मणिमहेश जा रहे श्रद्धालुओं से उपायुक्त चंबा की अपील – “कृपया कचरा न फैलाएं, पवित्र स्थल को स्वच्छ रखें”

मणिमहेश जा रहे श्रद्धालुओं से उपायुक्त चंबा की अपील - "कृपया कचरा न फैलाएं, पवित्र स्थल को स्वच्छ रखें"

चंबा जिले के पवित्र धार्मिक स्थल मणिमहेश यात्रा मार्ग पर स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने एक सक्रिय अभियान चलाया है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल की अगुवाई में धन्छो से लेकर हड़सर तक एक विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया, जिसके तहत यात्रा मार्ग से लगभग 8 बैग प्लास्टिक कचरा, रैपर और अन्य अपशिष्ट सामग्री एकत्र की गई और उसे हड़सर तक पहुंचाया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने खुद यात्रा मार्ग का पैदल निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी है, जिसे साफ रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।

“मणिमहेश जैसे पवित्र स्थल पर श्रद्धालु भारी संख्या में आते हैं। हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि इस स्थान की पवित्रता को बनाए रखें और यात्रा मार्ग पर कचरा न फैलाएं। यह स्थान हमारी विरासत है, जिसे हमें साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखना है,” उपायुक्त रेपसवाल ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा।

हड़सर से मणिमहेश झील तक का रास्ता लगभग साफ – सिर्फ एक ग्लेशियर

यात्रा मार्ग को लेकर स्थानीय गाइड्स का कहना है कि धन्छो से मणिमहेश झील तक का रास्ता लगभग साफ हो चुका है, और अब केवल एक स्थान पर ही ग्लेशियर पार करना पड़ता है। इसके अलावा रास्ता सुरक्षित और ट्रैकिंग योग्य है। इससे श्रद्धालुओं की यात्रा काफी सहज हो गई है।

श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि

मणिमहेश यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आमद देखी जा रही है। इस वर्ष अब तक अनुमानित 1000 से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। भरमौर कस्बे में कल भी काफी संख्या मे श्रद्धालु नजर आए जो आज सुबह मणिमहेश के दर्शन के लिए रवाना होने वाले थे।

पिछले वर्ष जहां 6 से 8 लाख श्रद्धालुओं ने मणिमहेश यात्रा में भाग लिया था, इस वर्ष मई माह से ही श्रद्धालुओं की सक्रियता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया, धार्मिक प्लेटफॉर्म्स और ट्रेवल ग्रुप्स पर मणिमहेश यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए लोगों का अनुमान है कि इस बार 10 से 15 लाख तक श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा में भाग ले सकते हैं।

पर्यावरणीय जागरूकता की अनूठी पहल

यह स्वच्छता अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है। स्थानीय युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

श्रद्धालुओं से अपील – अपना कचरा वापिस लाएं

प्रशासन ने लोगों से अपील की है की मणिमहेश यात्रा मार्ग पर कचरा न फैलाएं और जो भी खाली पैकेट/रैपर हों उसे वापिस भरमौर ले आयें।

स्वच्छता अभियान के दौरान प्रशासन ने कई स्थानों पर बैनर और सूचना बोर्ड भी लगाए हैं ताकि श्रद्धालु कचरा सड़क या झील किनारे न फेंकें।