शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सबसे बड़ा फैसला प्रदेश के अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में लिया गया, जिसमें 31 मार्च, 2025 तक दो साल की सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मियों और चार साल की निरंतर सेवा देने वाले दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने का निर्णय शामिल है।
जलविद्युत परियोजनाएं अब प्रदेश सरकार के अधीन
मंत्रिमंडल ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए एसजेवीएनएल और एनएचपीसी को पूर्व में आवंटित जलविद्युत परियोजनाओं को प्रदेश सरकार के अधीन लेने का निर्णय लिया है। इसमें 382 मेगावाट की सुन्नी, 210 मेगावाट की लूहरी चरण-1, 66 मेगावाट की धौलसिद्ध, 500 मेगावाट की डूगर और 180 मेगावाट की बैरा स्यूल परियोजनाएं शामिल हैं। सुन्नी, लूहरी और डूगर परियोजनाओं के वास्तविक व्यय का आकलन करने के लिए स्वतंत्र मूल्यांकक और बैरा स्यूल के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और उपकरणों की खरीद
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई निर्णय लिए। बिलासपुर के स्वाहण पीएचसी और शिमला के रोहड़ू सिविल अस्पताल में 50 बिस्तरों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दी गई। चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध जिला अस्पतालों में एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
कमला नेहरू अस्पताल शिमला, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, और सिविल अस्पताल सुंदरनगर के मातृ एवं शिशु अस्पतालों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी दी गई।
मेडिकल रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी
सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट का मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹1 लाख और सुपर स्पेशलिस्ट रेजिडेंट्स का ₹1.30 लाख कर दिया गया है। इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
मुफ्त जांच सेवाओं में अब 14 वर्ग होंगे शामिल
रोगी कल्याण समिति को सशक्त करने हेतु गठित मंत्रीमंडलीय उप-समिति की सिफारिशों को भी स्वीकृति मिली। इसके तहत अब अनाथ, विधवा, एकल नारी और निराश्रित महिलाएं भी 133 फ्री लैब टेस्ट और एक्स-रे सेवाओं का लाभ उठा सकेंगी। इसके बाद मुफ्त जांच सेवाओं के लाभार्थियों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है।
संसाधन जुटाने की रणनीति पर भी मंजूरी
राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित उप-समिति की सिफारिशों को भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही शेष लगभग 400 शराब की दुकानों को व्यक्तिगत आधार पर पुनर्नीलामी करने को हरी झंडी दे दी गई।
वाइल्डफ्लावर हॉल होटल अब ईआईएच लिमिटेड के जिम्मे
होटल वाइल्डफ्लावर हॉल, मशोबरा के अंतरिम संचालन के लिए ईआईएच लिमिटेड के साथ प्रबंधन अनुबंध किया जाएगा। इससे सरकार को प्रति माह ₹1.77 करोड़ की आय सुनिश्चित होगी। जब तक नया स्थायी संचालक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से नियुक्त नहीं होता, संपत्ति का क्षरण रोका जाएगा।
ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन का विस्तार
राज्य भर में 402 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह स्टेशन विश्राम गृहों, जिला कार्यालयों, पुलिस विभाग, जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, और बीबीएनडीए कार्यालयों में स्थापित होंगे।
सार्वजनिक स्थलों को विकृतिकरण से बचाने की पहल
हिमाचल प्रदेश ओपन प्लेसेस (प्रिवेंशन ऑफ डिस्फिगरमेंट) एक्ट, 1985 को सभी शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने का फैसला लिया गया है। इससे दीवारों, भवनों, पेड़ों आदि पर विज्ञापन और पोस्टर चिपकाने पर नियंत्रण होगा। यह कानून अब प्रदेश के 7 नगर निगम, 17 नगर परिषद और 23 नगर पंचायतों में लागू होगा।
अटल आदर्श विद्यालय मढ़ी अगले सत्र से होगा क्रियाशील
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र (मंडी) के अटल आदर्श विद्यालय मढ़ी को आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से क्रियाशील किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।