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हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर गोकशी मामला: पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, 10 आरोपी गिरफ्तार

हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर गोकशी मामला: पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, 10 आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर हुई गोकशी की संवेदनशील घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। इस मामले में अंतरराज्यीय गौ तस्कर गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। देहरादून पुलिस ने सहसपुर क्षेत्र से आठ आरोपियों को पकड़ा, जबकि हिमाचल पुलिस ने सिरमौर जिले से दो आरोपियों को हिरासत में लिया।

संयुक्त रणनीति से कार्रवाई

घटना के खुलासे के लिए देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने हिमाचल के सिरमौर जाकर वहां के एसपी से मुलाकात की। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर गिरोह की धरपकड़ के लिए रणनीति बनाई। गिरफ्तार आरोपी पहले भी पशु क्रूरता और गोकशी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

गोकशी का खुलासा ऐसे हुआ

31 मार्च को उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर देवपुर नदी किनारे 13 गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना विकासनगर कोतवाली पुलिस को मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो जांच में पता चला कि गोवंशों का अवैध कटान कर उनके अवशेषों को नदी किनारे फेंका गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून अजय सिंह, एसडीएम विकासनगर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद कोतवाली विकासनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गोवंश हत्या, धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

गिरोह तक ऐसे पहुंची पुलिस

जांच में सामने आया कि इस घटना की कड़ियां हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से जुड़ी हुई हैं। इसके बाद देहरादून पुलिस और सिरमौर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

1 अप्रैल को पुलिस ने इस घटना में शामिल आठ आरोपियों को सहसपुर से और दो को सिरमौर के पुरूवाला से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार नदी किनारे झाड़ियों से बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:

ऐसे अंजाम दी गई थी गोकशी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हिमाचल और उत्तराखंड की सीमावर्ती क्षेत्रों में लावारिस घूम रहे गोवंशों को पकड़ते थे और नदी किनारे ले जाकर अवैध कटान करते थे। इसके बाद गोमांस और अन्य पशु उत्पाद बेच देते थे, जिससे उन्हें भारी मुनाफा होता था।

31 मार्च को भी गिरोह ने इसी तरीके से यमुना नदी किनारे गोवंश को काटा और अवशेषों को पास में फेंक दिया, जबकि गोमांस को लेकर फरार हो गए। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी फिर से गोकशी की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी

देहरादून और सिरमौर पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में अवैध गोकशी रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है।

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