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हिमाचल में जल शक्ति विभाग में घोटाले के संकेत, 1332 टेंडर में 1322 ऑफलाइन

हिमाचल में जल शक्ति विभाग में घोटाले के संकेत, 1332 टेंडर में 1322 ऑफलाइन

विधानसभा में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने किया बड़ा खुलासा, जांच के दिए आदेश

शिमला, 30 मार्च – हिमाचल प्रदेश में सरकारी अफसरों द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन डिप्टी सीएम और जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विभाग में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं की जानकारी दी।

एक्सईएन ने अपने ठेकेदारों को दिलाए टेंडर!

कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन कुमार काजल द्वारा नियम 62 के तहत उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्री ने कहा कि कांगड़ा और शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों में एक ही एक्सईएन कार्यभार संभाल रहा है, जिससे कार्यों में गड़बड़ियां बढ़ी हैं। इसके तुरंत बाद कांगड़ा में अलग-अलग एक्सईएन की तैनाती की घोषणा कर दी गई

डिप्टी सीएम ने खुलासा किया कि कांगड़ा जिले में तैनात एक एक्सईएन ने 1332 टेंडर जारी किए, जिनमें से केवल 10 टेंडर ऑनलाइन किए गए, जबकि 1322 टेंडर ऑफलाइन जारी हुए। इससे साफ है कि मनचाहे ठेकेदारों को ठेके देने के लिए यह खेल खेला गया

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह एक्सईएन जहां जाता है, अपने चहेते ठेकेदारों को भी अपने साथ ले जाता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार नूरपुर में इस एक्सईएन के साथ काम कर रहे थे, वही अब कांगड़ा में भी टेंडर हासिल कर रहे हैं

सरकार ने दिए जांच के आदेश, एक्सईएन से छीनी शक्तियां

जल शक्ति मंत्री ने यह भी कहा कि 1332 टेंडर में से 1322 टेंडर ऑफलाइन करना एक बहुत बड़ा घोटाला हो सकता है। इस पूरे मामले की मुख्य अभियंता (धर्मशाला जोन) से जांच करवाई जाएगी

इसके अलावा, डिप्टी सीएम ने कहा कि अब एक्सईएन से यह शक्तियां छीन ली जाएंगी और राज्य स्तर पर टेंडरिंग प्रक्रिया को केंद्रीकृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन, टूल किट्स, वेल्डिंग वर्क और पाइप रिपेयरिंग जैसे कामों की खरीद अब पूरी तरह से केंद्रीयकृत प्रक्रिया के तहत की जाएगी

भ्रष्टाचार पर सरकार का कड़ा रुख

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जल शक्ति विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टेंडरिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टेंडर को अनिवार्य किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी

विधानसभा में हुए इस बड़े खुलासे से हिमाचल में सरकारी विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जांच का क्या नतीजा निकलता है और भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों पर क्या कार्रवाई होती है

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