इंदौरा: कुख्यात महिला तस्कर पिंकी नजरबंद, हिमाचल सरकार की बड़ी कार्रवाई

इंदौरा: कुख्यात महिला तस्कर पिंकी नजरबंद, हिमाचल सरकार की बड़ी कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कुख्यात महिला तस्कर पिंकी (पत्नी दिलीप कुमार, निवासी गांव छन्नी, तहसील इंदौरा) को नजरबंद करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला गृह सचिव एवं निरुद्ध प्राधिकरण द्वारा प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिकिंग (पिट) एनडीपीएस अधिनियम के तहत लिया गया है।

इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की कड़ी नीति के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने आदेश के तुरंत बाद पिंकी को हिरासत में ले लिया है।

कैसे पकड़ी गई महिला तस्कर?

एसडीपीओ इंदौरा संजीव कुमार यादव ने बताया कि 23 मार्च 2024 को पुलिस ने छन्नी क्षेत्र में बलविंद्र उर्फ सूरज पुत्र जोगिंद्र पाल (गांव व डाकघर बनाल, जिला गुरदासपुर, पंजाब) से 7.92 ग्राम हेरोइन बरामद की थी।

जांच में पाया गया कि इस तस्करी में पिंकी भी सक्रिय रूप से शामिल थी। उसे 10 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

बार-बार गिरफ्तार होने के बावजूद जारी था नशे का कारोबार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पिंकी पहले भी कई बार हेरोइन तस्करी में पकड़ी जा चुकी थी, लेकिन उसने अपना काला कारोबार जारी रखा।

एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 जून 2024 को गृह सचिव को पत्र भेजकर महिला को निरुद्ध करने की सिफारिश की थी।

इस सिफारिश को मंजूरी देते हुए गृह सचिव एवं निरुद्ध प्राधिकरण ने पिट एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत पिंकी को नजरबंद करने के आदेश जारी कर दिए।

पिंकी पर पहले भी कई मामले दर्ज

डीएसपी इंदौरा के अनुसार, पिंकी पर पहले भी नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।

🔹 5 मई 20218.07 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार
🔹 28 अप्रैल 20225.74 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ी गई
🔹 28 नवंबर 20226.05 ग्राम हेरोइन बरामद
🔹 23 मार्च 20247.92 ग्राम हेरोइन के साथ फिर गिरफ्तार

हिमाचल में नशा तस्करों पर बढ़ी सख्ती

पुलिस जिला नूरपुर में अब तक 5 कुख्यात नशा तस्करों को नजरबंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए लगातार संदिग्ध तस्करों की निगरानी कर रही है।

सरकार और पुलिस का कड़ा संदेश

यह कार्रवाई प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देती है। पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हिमाचल को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।