हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। तांदी पंचायत के सगनम गांव में आवारा कुत्तों के हमले में एक तीन साल के मासूम की मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को उजागर करती है।
घटना का विवरण
- स्थान और समय:
यह घटना सगनम गांव में उस समय हुई, जब तीन वर्षीय बच्चा अपने घर के आंगन में खेल रहा था। - हमला:
अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर उसकी मां दौड़ी और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कुत्तों ने मासूम को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। - अस्पताल में मौत:
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल बच्चे को केलांग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
परिवार और गांव की स्थिति
- बच्चे का परिवार नेपाली मूल का है, जो मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है।
- मां अपने बेटे के शव को देख बेसुध है, और पूरे परिवार पर गहरा दुख छाया हुआ है।
- गांव के लोग घटना से गमगीन हैं और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान चाहते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
- आर्थिक सहायता:
स्थानीय प्रशासन ने बच्चे के परिवार को आपदा प्रबंधन के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। - विधायक की प्रतिक्रिया:
स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की बात कही। - पशुपालन विभाग के निर्देश:
स्टेरलाइजेशन कैंप के माध्यम से आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण लगाने का निर्देश दिया गया है।
गांववासियों की मांगें
- आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान:
ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। - सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता:
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए ठोस योजना बनाने की अपील की गई है।
समस्या का समाधान जरूरी
इस दर्दनाक घटना ने लाहौल स्पीति में आवारा कुत्तों की समस्या को उजागर किया है। प्रशासन से ठोस कदम और समाज से सतर्कता की अपील की गई है ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।