हिमाचल प्रदेश के सांसदों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य के लिए 900 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की है। इस मुलाकात का नेतृत्व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने किया। उनके साथ सांसद राजीव बिंदल, कंगना रणौत, इंदु गोस्वामी और सिकंदर कुमार भी उपस्थित रहे।
इस वित्तीय सहायता की मांग हिमाचल सरकार द्वारा डिजास्टर रिस्क रिडक्शन और आपदा प्रबंधन योजनाओं के लिए की गई है। यह धनराशि फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी (AFD) से जुड़ी परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित है। इस योजना का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों और जोखिम न्यूनीकरण में सुधार करना है।
वित्त मंत्री ने इस मामले को ध्यानपूर्वक सुना और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। अनुराग ठाकुर ने बताया कि हिमाचल जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य को हर वर्ष भयंकर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, और इसके लिए विशेष वित्तीय सहायता आवश्यक है।
अब तक की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने हिमाचल को पहले दो चरणों में 180-180 करोड़ रुपये भेजे। इसके अलावा, सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता दी गई। इसके बाद 189 करोड़ और हाल ही में 200 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
हिमाचल के सांसदों का कहना है कि राज्य में भारी बारिश, भूस्खलन, और बाढ़ जैसी आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस धनराशि का उपयोग आपदा से बचाव और पूर्व-प्रबंधन कार्यों के लिए किया जाएगा।