हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने वन मित्रों की भर्ती के लिए होने वाले साक्षात्कारों पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिससे प्रदेश के वन विभाग के तहत 2061 वन मित्रों की भर्ती प्रक्रिया पर विराम लग गया है। इस फैसले से संबंधित साक्षात्कार प्रक्रिया अस्थायी रूप से रुक गई है और इससे संबंधित निर्णय की प्रतीक्षा है।
वन विभाग ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि साक्षात्कार संबंधी मुद्दे को जरूरी स्पष्टीकरण के लिए प्रदेश सरकार को भेजा गया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस मुद्दे पर निर्णय अगले दो सप्ताह में संभवतः लिया जाएगा। इस परिप्रेक्ष्य में, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा ने वक्तव्य के आधार पर साक्षात्कारों पर अस्थायी रोक लगाई।
वादी दीक्षा पंवर के आरोपों के अनुसार, वन विभाग तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए 17 अप्रैल, 2017 को जारी प्रदेश सरकार की अधिसूचना के विपरीत, साक्षात्कार करवा रहा है। आरोप है कि विभाग इस प्रक्रिया के माध्यम से अपने चहेतों को लाभ पहुँचाना चाहता है। विभाग का कहना है कि वन मित्र नियमित पद नहीं हैं और न ही इनकी सेवा शर्तें नियमित कर्मचारियों की तरह हैं, इसलिए इन पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। मामले पर अगली सुनवाई 22 मार्च को निर्धारित है।
इस विवाद ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं और नीतियों पर एक बार फिर प्रकाश डाला है, विशेषकर तब जब सरकारी नीतियों का अनुसरण करने में विभागों के बीच असमंजस की स्थिति हो। इस मामले का परिणाम न केवल वन मित्रों की भर्ती पर बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और न्यायसंगतता पर भी असर डालेगा।