रोजाना24, चम्बा 15 अप्रैल : चम्बा जिला के जनजातीय क्षेत्र भरमौर के महाविद्यालय विद्यालय ही नहीं अपितु रावमापा विद्यालयों में भी शिक्षकों के पद खाली हैं जिस कारण छात्र-छात्राओं की शिक्षा राम भरोसे चल रही है।
इस शिक्षा खंड के रावमापा बड़ग्रां की हालत तो इतनी बदहाल है कि यहां जमा एक कक्षा के विद्यार्थियों को उच्च विद्यालय के अध्यापकों से शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है । जिससे इन अध्यापकों पर अतिरिक्त कार्य बोझ बढ़ गया है तो वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों का न तो पाठ्यक्रम पूरा हो पाने उम्मीद है व न ही पाठ्यक्रम पूरी तरह समझ आ रहा है।
ग्राम पंचायत प्रधान सुबह देवी ने कहा कि रावमापा बड़ाग्रां में इस शैक्षणिक सत्र में आर्टस संकाय में जमा एक की कक्षा चल रही है लेकिन जमा एक व दो को पढ़ाने के लिए स्वीकृत सभी पद खाली चल रहे हैं । जिस कारण यहां पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है । उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संदर्भ में सरकार से खाली पदों को जल्द भरने की मांग भी की है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है । उन्होंने कहा कि सरकार इस शैक्षणिक सत्र में इस स्कूल के लिए स्वीकृत खाली पदों को न भरा तो क्षेत्र के युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा ।
इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य राजिन्द्र सैनी ने कहा कि संस्थान में पेयजल व बिजली की व्यवस्था बेहद खराब है बिजली अक्सर बंद रहती है व पेयजल की पाईप लाईन भी स्कूल तक नहीं पहुंच पा रही। उन्होंनेे कहा कि स्कूल में जमा एक की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए टीजीटी व एसएमसी के तहत नियुक्त अध्यापकों का सहयोग लिया जा रहा है ।अंग्रेजी विषय प्रधानाचार्य स्वयं पढ़ा रहे हैं।
संस्थान में अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, शास्त्री, कम्प्यूटर,शारीरिक शिक्षा पदों सहित क्लर्क का पद भी खाली पड़ा है ।
गौरतलब है कि बड़ग्रां पंचायत भरमौर मउख्यालय से 26 किमी दूर है। दूर दराज की पंचायत होने के कारण शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर कभी कभार ही जाता है। लम्बे समय से एक स्कूल में इतने सारे पद खाली होने से अनुमान लगाया जा सकता है कि इस जनजातीय क्षेत्र में बच्चों शिक्षा किस स्तर की होगी ।