रोजाना24,चम्बा, 19 नवम्बर : सरकार द्वारा प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ व सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन धरातल पर इन योजनाओं को लागू करने में बहुत लापरवाही बरती जा रही है ।

जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कचरा निस्तारण के लिए भी लाखों रुपये व्यय किये गए हैं लेकिन अव्यवस्था ऐसी कि कचरे के ढेर यहां वहां आसानी से देखे जा सकते हैं।

इस वर्ष अगस्त सितम्बर माह में विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान मणिमहेश न्यास द्वारा यात्रा की व्यवस्था की गई । स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा के दौरान फैले कचरे के कुछ भाग को एकत्रित करके हड़सर के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया ।दो माह से यह कचरा बदबू फैला रहा है ।मणिमहे‍श,हड़सर व कुगती स्थित मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालु हों या फिर पर्यटक इन्हें इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है ।

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हड़सर नाले के पास से मणिमहेश के लिए पैदल मार्ग निकलता है व यहां से धन्छो तक की घाटी का समूचा अवलोकन किया जा सकता है ।बहुत से श्रद्धालु यहां से मणिमहेश को माथा भी टेकते हैं लेकिन सामने कचरे के ढेर व बदबू उन्हें यहां टिकने नहीं देती ।

ग्राम पंचायत हड़सर व कुगति के युवकों ने कहा कि प्रशासन ने पिछले दो माह से सड़क के किनारे कचरा फैला रखा है । जिससे लोगों को बहुत परेशानी है वहीं देखने में काफी भद्दा लग रहा है ।उन्होंने कहा कि इस कचरे को हटाने के लिए प्रशासन से कई बार बात की गई है लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है ।

उधर इस बारे में मणिमहेश मेला अधिकारी एवं उपमंडलाधिकारी मनीष सोनी ने कहा कि इस बारे में लोनिवि को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं । उन्होंने कहा कि उक्त कचरे से प्लास्टिक,कांच,धातु व अन्य प्रकार के कचरे पृथक किया जाना है जिसके बाद उसे नियमानुसार ठिकाने लगाया जाना था ।उन्होंने कहा कि अब तक इस कचरे का समाधान नहीं किया गया है तो वे इसकी जांच कर आगामी आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

गौरतलब है कि पिछले दो माह से कई बार स्थानीय विधायक से लेकर आला अधिकारी तक इस कचरे के ढेर के पास से गुजर चुके हैं लेकिन इसके निस्तारण कई व्यवस्था करना किसी ने जरुरी नहीं समझा।