रोजाना24,ऊना : अन्तर्राज्यीय आवाजाही को लेकर पूर्व में जारी दिशा निर्देशों में आंशिक संशोधन किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसी संदीप कुमार ने बताया कि उद्योगपतियों द्वारा बाहरी राज्यों से अपने उद्योग में काम करने के लिए कर्मचारियों व मजदूरों को लाने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और बाहरी राज्यों से आने वाले कर्मचारियों व मजदूरों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार क्वारंटीन की अवधि को पूरा करना होगा। कर्मचारियों व मजदूरों के क्वारंटीन करने की पूर्ण व्यवस्था उद्योगपतियों द्वारा की जाएगी।उन्होंने बताया कि जिला ऊना उद्योगपति इकाइयों में कार्यरत दैनिक भोगी आधार पर बाहरी राज्यों आने वाले कर्मचारी व मजदूरों को डीसी या उनके द्वारा किए गए प्राधिकृत अधिकारियों के निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होगा। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के साथ वाहन का भी पूर्ण के विवरण देना होगा।उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी औद्योगिक क्षेत्र के 3 किलोमीटर क्षेत्र से अन्य राज्य सीमा में रहते हैं। वे कर्मचारियों का प्रवेश द्वार पर अपना आई-कार्ड दिखकर सीमा में प्रवेश कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि जिला में फैक्ट्री मालिकों व वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों को बाहर से आने की अनुमति होगी। लेकिन कंटेनमैंट जोन से आने वाले उद्योगपतियों को निजी वाहनों में आने की अनुमति दी जाएगी।उपायुक्त ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले श्रमिकों व कर्मचारियों को अंडरटेकिंग देनी होगी कि कार्य क्षेत्र से निवास लौटने के उपरांत कोविड-19 की रोकथाम के लिए निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करेंगे और बेवजह अपने घर से बाहर किसी के संपर्क में नहीं आएगें। कर्मचारियों को निवास से कार्यक्षेत्र और वापिस ले जाने के लिए सेनिटाइज़ किए हुए वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा और इस वाहन में कर्मचारियों को मास्क और सेनिटाइज़र का प्रयोग करने के अलावा सामाजिक दूरी के निर्धारित मापदण्डों की पालना सुनिश्चित करना होगी।डीसी ने बताया कि वाहन पर सवार होने से पूर्व प्रत्येक कर्मचारी की स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसका औद्योगिक इकाई द्वारा समुचित रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा तथा घर वापसी पर भी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को ले जा रहा वाहन हिमाचल प्रदेश परिक्षेत्र में कहीं भी नहीं रूकना चाहिए और किसी भी कर्मचारी को रास्ते में उतरने की अनुमति नहीं होगी। वाहन औद्योगिक इकाई के परिसर में ही रूकना चाहिए। फैकट्री में पहुंचे पर कर्मचारियों द्वारा निर्धारित एसओपी नियमों का पूर्ण पालन करना होगा और कार्य अवधि के दौरान किसी भी कर्मचारी को फैक्ट्री में जाने की अनुमति नहीं होगी।
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