हिमाचल के कांगड़ा में नशे का नेटवर्क चला रहा था पूरा परिवार, मुखिया महिला को 10 साल की सजा, ₹1 लाख जुर्माना

हिमाचल के कांगड़ा में नशे का नेटवर्क चला रहा था पूरा परिवार, मुखिया महिला को 10 साल की सजा, ₹1 लाख जुर्माना

हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कांगड़ा जिले के नूरपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां इंदौरा उपमंडल के छन्नी गांव की एक महिला दलबीरो देवी को चिट्टा तस्करी के मामले में 10 साल की सजा और ₹1 लाख जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला अदालत ने 6.50 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े जाने के सात साल बाद सुनाया है।

दलबीरो देवी का परिवार: नशा तस्करी में पूरी तरह संलिप्त

चौंकाने वाली बात यह है कि दलबीरो देवी अकेली नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दलबीरो, उसके पति, बेटा, बहू, बेटियां और दूसरा बेटा — सभी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हैं।

पुलिस के अनुसार:

  • पति अजय पर अफीम और चिट्टे का केस दर्ज है।
  • बेटा मिथुन पर पठानकोट और हिमाचल में 14 ड्रग्स केस दर्ज हैं।
  • बहू आशा पर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
  • बेटियां नंदिनी और घारे, और दूसरा बेटा गोविंद भी ड्रग पैडलिंग में शामिल हैं।

घर से पकड़ी गई थी हेरोइन और नकदी

30 मई 2017 को इंदौरा पुलिस ने छन्नी गांव स्थित दलबीरो देवी के घर पर छापा मारा था। तलाशी के दौरान वहां से 6.50 ग्राम हेरोइन और ₹3,500 नकद बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने दलबीरो को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

इंदौरा के छन्नी गांव की काली सच्चाई

इंदौरा का छन्नी गांव बीते कुछ वर्षों से ड्रग्स के गढ़ के रूप में बदनाम हो चुका है। यहां लगातार चिट्टे और अन्य नशे के मामलों में गिरफ़्तारियां होती रही हैं। पुलिस का कहना है कि दलबीरो का परिवार लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय था और आस-पास के इलाकों में नशे की सप्लाई करता था।

हिमाचल पुलिस की चौथी बड़ी सजा, जीरो टॉलरेंस नीति का असर

हिमाचल पुलिस ने बताया कि यह चौथी बड़ी सजा है जो नूरपुर पुलिस की सक्रियता से दिलाई गई है। नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम “नो ड्रग्स, नो क्राइम” को और बल मिल रहा है।

हिमाचल पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, “नशा तस्करी में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दलबीरो देवी के परिवार का पूरा नेटवर्क अब हमारी निगरानी में है और अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही जारी है।”

पड़ताल में हो सकते हैं और खुलासे

दलबीरो के परिवार के कई सदस्य अभी भी जमानत पर हैं या उनके मुकदमे अदालतों में चल रहे हैं। पुलिस मान रही है कि यह परिवार एक संगठित ड्रग रैकेट चला रहा था, जिसमें अन्य जिलों के नेटवर्क से भी जुड़ाव हो सकता है। आने वाले समय में इस पूरे नेटवर्क पर और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

नशे के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने और कड़ी कानूनी कार्यवाही के बीच पुलिस की यह सफलता न केवल छन्नी गांव के लिए, बल्कि पूरे हिमाचल के लिए चेतावनी है।

इंदौरा: कुख्यात महिला तस्कर पिंकी नजरबंद, हिमाचल सरकार की बड़ी कार्रवाई – रोजाना 24