हिमाचल प्रदेश के चौपाल विधानसभा क्षेत्र और देहा बलसन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुठार में स्थित बागेश्वरी माता के आठ मंजिला प्राचीन मंदिर में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की लपटें सबसे पहले मंदिर की ऊपरी मंजिलों में देखी गईं, जिसके बाद तेजी से पूरे मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। मंदिर से उठते धुएं को देखकर आसपास के गांवों के लोग तुरंत मौके पर एकत्रित हुए, लेकिन आग की भयावहता के आगे उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दी गई।

आग लगने के असल कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि शार्ट सर्किट के कारण यह घटना घटी होगी। इस घटना में सुखद पहलू यह रहा कि मंदिर के निकट स्थित रिहायशी मकानों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।

मौके पर कुठार और सिरमौर जिला की ग्राम पंचायत कोटी पधोग के अनेक गांवों के निवासी एकत्र हुए और आग को बुझाने के लिए सामूहिक प्रयास किए। बागेश्वरी माता का यह मंदिर न केवल प्राचीन था, बल्कि शिमला और सिरमौर जिले के हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक भी था।

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यह घटना न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी एक बड़ा नुकसान है। बागेश्वरी माता का मंदिर, अपने ऐतिहासिक महत्व और वास्तुशिल्प की दृष्टि से, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक था। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय बल्कि पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है।

सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस ऐतिहासिक मंदिर के पुनर्निर्माण और इसकी प्राचीनता और वैभव को फिर से बहाल करने की अपेक्षा की जा रही है। इस दुखद घटना के बाद, समुदाय के लोगों ने भी अपने प्रिय देवी मंदिर को फिर से उसकी पूर्व महिमा में लाने के लिए सहयोग की भावना व्यक्त की है।