रोजाना24,पठानकोट (समीर गुप्ता) : देश को स्वच्छ रखने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को पठानकोट में पैसों की कड़की का सामना करना पड़ रहा है.फंड की कमी के कारण नगर में पार्षदोंं से लेकर कर्मचारियों तक को वेतन नहीं रहा.जिस कारण शहर म ‘स्वच्छ भारत’ मिशन को दाग लग रहे हैं .
पठानकोट नगर निगम पिछले कुछ समय से लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है ।आलम यह है कि जो सफाई कर्मचारी निगम में पक्के तौर पर काम कर रहे हैं, उन्हें भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जो सफाई कर्मचारी अभी पक्का नहीं हुए हैं उनके वेतन की खबर लेने वाला कोई नहीं है ।
बिना वेतन के यह सफाई कर्मचारी कैसे अपने घर को चला रहे होंगें इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है ।इसके अलावा लगभग 50 पार्षदों की आठ माह का वेतन अभी बकाया है । पार्षदों की माने तो उनको मीटिंग में भाग लेने का भत्ता तक निगम नहीं दे पा रहा है,कुछ पार्षदों का कहना है कि वे अपने वार्ड में कई जरूरी काम अपनी जेब से पैसा खर्च करके करवा रहे हैं ।
सीवर मैन भी अपनी तनख्वाह समय पर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, पूरी गंदगी में जाकर काम करते हैं किन्तु इन्हें भी वेतन समय पर नहीं मिलता है ।
निगम के सूत्रों की माने को निगम की हालत काफी खराब है जिसका कारण निगम को समय पर जीएसटी की किश्त न मिलना व निगम ने जो रेवेन्यू इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा था उसे प्राप्त नहीं करना है ।
इस संदर्भ में पठानकोट के मेयर अनिल वासुदेवा का कहना है कि निगम की आर्थिक स्थिति को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं.